*जानिए…..हाई कोर्ट में याचिका दायर करने पर कैसे सीओ ने फंसा दिया झूठे मुकदमें में*

✍दैनिक खोज खबर के लिए उमेश कु.पटेल की रेपोर्ट
सीवान : पचरूखी चीनी मिल की नीलामी का विरोध करना महंगा पड़ गया।महंगा भी इतना जिसका आप अंदाजा नहीं लगा सकते।
बड़हरिया विधान सभा के पूर्व प्रत्याशी उमेश कुमार पचरुखी चीनी मिल की जमीन को जनहित व किसान हित में बचाने के लिए पटना हाई कोर्ट में सीडब्लूजेसी 1565/2017 रिट दायर किये।मगर उनको क्या पता था कि उनकी ये पहल उनको मुश्किलों में डाल देगी।
उमेश कुमार ने आरक्षी अधीक्षक सीवान को एक निबंधित डाक से पत्र भेजते हुवे  कहा है कि गत 7 जून को पचरुखी सीओ गिन्नीलाल प्रसाद भू-माफिया लोगों के मेल में आकर पचरुखी चीनी मिल परिसर में पैमाइश के लिए पहुचे।उमेश कुमार ने सीओ साहब से कहा कि इस जमीन के शीलशीले में पटना उच्च न्यायालय में वाद लंबित है।जिसमे आप (सीओ) हाजिर भी हो चुके हैं।भूमि की मापी को न्यायालय का आदेश तक रोक दिया जाय।इसपर सीओ नाराज हो गए और भद्दी-भद्दी गालियां देते हुवे पुलिस बल से पिटवाने का प्रयास किये।हालांकि ग्रामीणों के विरोध के कारण सीओ गिन्नीलाल अपने मनसूबे में कामयाब नहीं हो सके।आरोप के मुताबिक अंचलाधिकारी पचरुखी ने हाई कोर्ट के याचिका कर्ता को न सिर्फ अपमानित किया बल्कि झूठे मुकदमे में फंसा भी दिया।
उमेश कुमार ने एसपी सीवान को आवेदन भेजकर न्याय हेतु गुहार लगाया है।श्री कुमार का कहना है कि हाई कोर्ट में याचिका दायर करने से पचरुखी सीओ नाराज हैं और जीन्दगी तबाह करने की बात कहते रहे है।उधर पचरुखी सीओ से उनका पक्ष जानने की कोशिश की परंतु उनसे संपर्क नहीं हो पाया।