छाबडा साहब की शहादत पर राजनीती ना करुँगी ना करने दूँगी – पूनम अंकुर छाबडा

आज़ाद नेब
जयपुर 29 अप्रैल । प्रदेश में शराब बंदी के लिए आंदोलनरत संगठन जस्टिस फॉर छाबडा जी और उसकी राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम अंकुर छाबडा को बार बार वार्ता के लिए सरकार और आबकारी द्वारा आमंत्रित करने और उनकी मांगों को मानने से शराब बंदी के नाम पर राजनीति के ख्वाब पालने वाले संगठन और उसकी अध्यक्ष की नींद उडी और वो तुछ हरकतों पर उतरी ।
       जस्टिस फॉर छाबडा जी संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम अंकुर छाबडा ने बताया कि उनका एक मात्र मकसद शराब बंदी है और उनके इस काम को सरकार और आबकारी भी सकारात्मक रूप से लेकर सहयोग कर  रही हैं परंतु शराब बंदी के नाम पर नोटकी करने वाले और शहीद श्री गुरुशरण जी छाबडा साहब की शहादत पर मन में राजनीती का ख्वाब पालने वालो को मेरा यह निसवार्थ काम पच नहीं रहा और मेरे नाम का सहारा लेकर लोगो के बीच जाकर लोगों को गुमराह करने और कार्यकर्ताओ को बरगलाने का प्रयास और झूठा श्रये लेने का प्रयास।
     वही मुझे बार बार परेशान कर रहे हैं , सोशल मीडिया के माध्यम से मुझे मेसेज भेज परेशान करने वालो को मेरी खुली चुनोती है कि आप लोगो का जो मकसद है कि छाबडा साहब की शहादत पर अपनी राजनितिक रोटियां सेकले तो आपको खुला बताना चाहती हु की आपके मनसूबे पुरे नहीं होने दूँगी और अपने पिताजी की शहादत पर राजनीती ना करुँगी और ना करने दूँगी, खुला चैलेंज दिया उनके विरोध में जनता से अपील करेंगी और जो राजनीति इच्छा रखता है उसको 100 वोट से ज्यादा आ गए तो शराबबंदी अभियान छोड़ दूँगी।
    पूनम अंकुर छाबडा ने कहा कि आज पूरा प्रदेश छाबडा साहब की शहादत को नमन करता है और मेरे द्वारा आग्रह करने पर सरकार ने उनके नाम से स्कूल का नामकरण कर उनकी शहादत का सम्मान किया और प्रदेश की जनता जस्टिस फॉर छाबडा जी संगठन के साथ पूरे जोश के साथ जुड़ सहयोग कर रही है और यह शराब बंदी के नाम पर नोटक़ी करने वालो के मुह पर तमाचा है ।