
चमकी बुखार से बचाव के लिए चलाया जा रहा है जागरूकता अभियान
- मेहसी प्रखण्ड में चमकी बुखार से बचाव को लग रहा है चौपाल
- बरसात बाद के तेज धूप से बचाव को दी जा रही है सीख
मोतिहारी, 20 जुलाई।
एईएस/ चमकी बुखार से बचाव के लिए जिले के कई प्रखंडों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में स्वास्थ्य कर्मी पूरा सहयोग कर रहे हैं। मेहसी प्रखण्ड में चमकी बुखार से बचाव के लिए चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। गाँव, कस्बों, के साथ महादलित टोलों में भी चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। केयर इंडिया के ब्लॉक मैनेजर दिनेश चन्द यादव ने बताया कि बरसात के बीच में ही बढ़ती गर्मी और उमस में एईएस/चमकी की समस्या बढ़ने की संभावना रहती है।
कई स्थानों पर चमकी बुखार को लेकर चौपाल का आयोजन किया जा रहा है।
चमकी बुखार से प्रखण्ड वासियों को बचाने के लिए व चमकी को हराने के लिये स्वास्थ्य कर्मियों का सबसे बड़ा हथियार है जागरूकता। केयर इंडिया की टीम जीविकाकर्मियों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जगह जगह चौपाल का आयोजन कर रही है। बच्चों को चमकी बुखार से बचाने के लिए साफ सफाई के महत्व के साथ साथ बढ़ती गर्मी में कैसे चमकी से बचें। इसको लेकर भी जागरूक किया जा रहा है। मेहसी के इस्माइल गाँव सहित कई स्थानों पर चमकी बुखार को लेकर चौपाल का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया। जिसमें कई महिला -पुरुष शामिल हुए। लोगों को चमकी बुखार के लक्षणों की पहचान करने एवं उससे सतर्क रहने की जानकारी दी गई।
- बच्चों को बरसात के बाद के धूप से बचाव जरूरी:
मेहसी प्रखंड क्षेत्र में चमकी बुखार की पहचान, उपचार व बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी केयर इंडिया के प्रखंड प्रबंधक दिनेश यादव के द्वारा दी गई। घर के अगल बगल में साफ-सफाई, बच्चे को भरपेट खाना खिलाना, रात में गुड़ निश्चित रूप से खिलाना, बच्चे को धूप में जाने से बचाना, जूठा- कच्चा व अद्ध पक्का फल खाने खिलाने से रोकना और लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल ले कर जाने के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही 104 नंबर कॉल सेंटर के बारे में बताया गया। - स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दी गई जानकारी ही सर्वप्रथम बचाव है:
चौपाल में बताया गया कि स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दी गई जानकारी ही सर्वप्रथम बचाव है तथा चमकी बुखार के लक्षण, बचाव, सावधानियां, एम्बुलेंस के नम्बर के बारे मे विस्तृत चर्चा की गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि बच्चों को रात में खाली पेट ना सुलाएं और किसी प्रकार की दिक्कत होने पर सीधे सरकारी अस्पतालों में लेकर जाएं । किसी प्रकार की ऐसी परेशानी होने पर देर ना करें । चमकी के लक्षण दिखाई पड़ने पर तुरंत इलाज कराएं ।
जनप्रतिनिधियों से किया अनुरोध बच्चों पर ध्यान दें:
चौपाल में उपस्थित जनप्रतिनिधियों से भी अनुरोध किया गया कि वह अपने आसपास के बच्चों पर ध्यान दें तथा चौपाल में मिली जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों में फैलाएं ।जीविका दीदियों, आशा फैसिलिटेटरों, नर्सो को समय समय पर एईएस से सम्बंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। माइकिंग की जा रही है।
- सरकार द्वारा एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध :
केयर डिटीएल अभय कुमार ने बताया बच्चों के इलाज में किसी भी प्रकार की गंभीर स्थिति होने पर सरकार द्वारा एंबुलेंस की सुविधाएं उपलब्ध हैं। अगर एंबुलेंस में कोई देरी भी होती है तो माता-पिता प्राइवेट भाड़ा कर गाड़ी लेकर जिला अस्पताल आ सकते हैं। उनके आने जाने का सारा किराया सरकारी स्तर पर मुफ्त दिया जाएगा।
एईएस से बचने हेतु सावधानियां:-
- बच्चों को धूप से बचायें।
- ओआरएस का घोल, नीम्बू पानी, चीनी लगातार पिलायें।
- रात में भरपेट खाना जरूर खिलाएं।
- बुखार होने पर शरीर को पानी से पोछें।
– पैरासिटामोल की गोली या सीरप दें।




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