गोरखपुर-फूलपुर उपचुनाव: कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई वोटिंग, दांव पर सीएम योगी की साख

गोरखपुर
निर्वाचन आयोग के निर्देश के मुताबिक सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोट डाले जायेंगे. वहीं इन दोनों सीटों पर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है, गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों के बेहद प्रतिष्ठापूर्ण उपचुनाव के लिए वोटिंग शुरू हो चुकी है, इसी कड़ी में सबसे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के गोरखनाथ इलाके में बने प्राथमिक विधालय मतदान बूथ पर पहुंचकर वोटिंग किया, चुनाव को शांतिपूर्वक कराये जाने के लिए 65 कंपनी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के अलावा पुलिस, पीएसी व होमगार्ड के जवानों की अलग से तैनाती की गई है, निर्वाचन आयोग के निर्देश के मुताबिक सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोट डाले जायेंगे, वहीं इन दोनों सीटों पर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है, दोनों लोकसभा क्षेत्रों के उपचुनाव के लिए तीनों जिलों को कुल 43 इंस्पेक्टर, 1548 सब इंस्पेक्टर, 619 हेड कांस्टेबल, 8683 कांस्टेबल व 10089 होमगार्ड के जवानों की ड्यूटी लगाई गई है, गोरखपुर में कुल पांच विधानसभा सीटें हैं, जहां 970 मतदान केंद्रों व 2141 मतदेय स्थलों पर चुनाव होगा, इसी तरह लोकसभा क्षेत्र फूलपुर में इलाहाबाद जिले की कुल पांच विधानसभा सीटें हैं, जहां 793 मतदान केंद्रों व 2059 मतदेय स्थलों पर चुनाव कराया जाएगा, फूलपुर लोकसभा क्षेत्र में आने वाली इलाहाबाद पश्चिमी विधानसभा सीट के 45 मतदान केंद्र व 95 मतदेय स्थल कौशाम्बी जिले में आते हैं, इन दोनों ही सीटों पर बीजेपी, सपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला होने की संभावना है, बसपा ने उपचुनाव में प्रत्याशी नहीं खड़े किए हैं, बीजेपी ने गोरखपुर से उपेंद्र दत्त शुक्ला को और फूलपुर सीट से कौशलेन्द्र सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाया है, सपा ने गोरखपुर से प्रवीण निषाद और फूलपुर से नागेन्द्र सिंह पटेल को मैदान में उतारा है, वहीं, कांग्रेस ने गोरखपुर से सुरहिता करीम व फूलपुर से मनीष मिश्र को टिकट दिया है, गोरक्षनाथ पीठ का रहा है दबदबा
गोरखपुर सीट बीजेपी के लिए खासकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए प्रतिष्ठा का सवाल है, योगी यहां से 5 बार सांसद चुने जा चुके हैं, 1952 में पहली बार गोरखपुर लोकसभा सीट के लिए चुनाव हुआ और कांग्रेस ने जीत दर्ज की, इसके बाद गोरक्षनाथ पीठ के महंत दिग्विजयनाथ 1967 में निर्दलीय चुनाव जीता, उसके बाद 1970 में योगी आदित्यनाथ के गुरु अवैद्यनाथ ने निर्दलीय जीत दर्ज की, कुर्मी वोटरों पर खास नजरदूसरी ओर, कभी देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को संसद में भेजने वाली फूलपुर की जनता ने 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी केशव प्रसाद मौर्य को संसद पहुंचाया था, फूलपुर संसदीय क्षेत्र में ओबीसी की तादाद ज्यादा है और इसमें भी कुर्मी वोटरों को निर्णायक माना जाता है, इसलिए अब कुर्मी वोटरों को अपने पाले में करने की लड़ाई तेज हो गई है, 14 मार्च को आएंगे उपचुनाव नतीजे गोरखपुर और फूलपुर लोक सभा सीट के लिए मतदान 11 मार्च को होगा, चुनावों के परिणाम की घोषणा 14 मार्च को होगी, गोरखपुर सीट मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और फूलपुर सीट उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद खाली हुई है।👇