गुरुत्व की महिमा बरकरार, बड़े घर का बड़ा फैसला: – प्रेम किशोर पाण्डेय
#रिपोर्ट-परवेज अख्तर /सीवान
जीरादेई(सीवान): ‘समान काम के लिए समान वेतन’ के उच्च न्यायालय पटना के ‌न्यायादेश को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराते हुए अक्षुण्ण रखा है। इस फैसले से राज्य के चार लाख नियोजित शिक्षक परिवारों में ख़ुशी की लहर है। विदित हो की मुख्य न्यायधीश ने विगत 29 जनवरी को राज्य सरकार से सही आंकड़ा प्रस्तुत करने को कहा था। परंतु भ्रामक व असंवैधानिक आंकड़ा प्रस्तुत करने पर न्यायालय ने सरकार को जमकर फटकार लगाई। न्यायधीश ने कहा की एक समान काम करने वालों को अलग अलग वेतन देना असंवैधानिक है. बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष सुधीर कुमार शर्मा ने न्यायाधीश को बधाई देते हुए कहा कि यह मामला चार लाख शिक्षक परिवारों के पेट व हक़ का सवाल था। उन्होंने जीत को संवैधानिक जीत करार देते हुए सभी शिक्षकों को बधाई दी है।खबर मिलते ही सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं म० वि० जीरादेई में एकत्रित हुए और एक-दूसरेे से गले मिले व गुलाल लगा कर विजय-होली मनाई। बता दें कि राज्य सरकार व केंद्र सरकार के संयुक्त निर्णय के आलोक में एरियर पर फैसला 27 मार्च को आने वाला हैं। वहीं संजलपुर संकुल समन्वयक प्रेम किशोर पाण्डेय ने हर्षित होकर कहा कि बड़े घर के बड़े फैसले ने गुरुत्व की महिमा को बरकरार रखते हुए बड़ा ऐतिहासिक जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होने कोर्ट को इस निर्णायक व जीवंत फैसले के लिए कोटि-कोटि धन्यवाद देते हुए सहृदय नमन किया।
मौके पर रंग-गुलाल लगाकर एक-दूसरे को बधाई देने में जिला संयोजक मनोज कुमार यादव, मनोज कुमार सिंह, पंकज विद्यार्थी, जितेन्द्र सिंह, संजीव बैठा, मो० रेयाज, सुरेश यादव, सैयद, अबरार, अरविंद कुमार पांडेय, राजकिशोर ठाकुर, जुनेद अली, प्रमोद सिंह, बेलाल किरण, अजय ठाकुर, विनोद यादव, शंभू प्रसाद, सुरेश यादव, अजय यादव, संत राय, ललन बैठा, शैलेश कुमार, गौतम मांझी, ओम प्रकाश यादव, डॉ. मन्नू राय, प्रो. जयराम यादव, डॉ शमशेर अहमद, डॉ. इरशाद अहमद, प्रो. अवधेश शर्मा, अरुण ठाकुर आदि शामिल थे।