
छपरा, 16 जुलाई।
सारण जिले के मशरक प्रखंड अंतर्गत गंडामन गांव में वर्ष 2013 की मिड डे मील त्रासदी में जान गंवाने वाले 23 मासूम बच्चों की 13वीं बरसी गुरुवार को श्रद्धा और गम के माहौल में मनाई गई। हादसे में मृत बच्चों के परिजनों, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और छात्र- छात्राओं ने नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए पूजा- अर्चना, हवन और दो मिनट का मौन रखा। कार्यक्रम में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आफताब आलम, प्रखंड प्रमुख रवि प्रकाश मंटू, नवसृजित विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कुमारी लीलावती, माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार सिंह सहित शिक्षक- शिक्षिकाएं, छात्र- छात्राएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित श्रद्धांजलि सभा में समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने भी मासूम बच्चों को श्रद्धासुमन अर्पित किया।

इस अवसर पर महाराजगंज सांसद के प्रतिनिधि बीरबल प्रसाद कुशवाहा ने श्रद्धांजलि सभा में कहा कि 16 जुलाई 2013 का वह भयावह दिन आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि विद्यालय में मिड डे मील खाने के बाद इतने मासूम बच्चों की जान चली जाएगी। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवारों की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी सारण को आवेदन सौंपा जाएगा, ताकि शेष मांगों का शीघ्र समाधान हो सके। श्रद्धांजलि सभा के दौरान कई परिजन अपने बच्चों को याद कर भावुक हो उठे। कुछ परिवार ऐसे भी हैं जिन्होंने इस हादसे में एक से अधिक बच्चों को खोया था। परिजनों ने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि भविष्य में किसी परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
सबसे अहम बात यह है कि इतनी बड़ी त्रासदी की बरसी पर जिला एवं प्रखंड प्रशासन के किसी भी अधिकारियों, स्थानीय विधायक और सांसद की अनुपस्थिति को लेकर पीड़ित परिवारों में मायूसी और नाराजगी देखने को मिली। परिजनों का कहना था कि 13 वर्ष बाद भी कई परिवार सरकारी सहायता, आवास और अन्य घोषणाओं के पूर्ण लाभ से वंचित हैं। उन्होंने लंबित मुआवजा, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ तथा बच्चों की समाधि से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग दोहराई है। इस अवसर पर वक्ताओं ने विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने पुष्प अर्पित कर 23 मासूमों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने का संकल्प लिया।





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