गंडकी नदी के तट पर संध्या में शुरू सांस्कृतिक कार्यक्रम का समापन “उग हो सूरज देव भईल अर्घ्य के बेर” भक्तिमय गीतों से हुआ

बनियापुर (सारण) : लोक आस्था के महापर्व पर भक्तिमय प्रस्तुतियो से सरोबर रहा बनियापुर के गंडकी नदी तट कराह।केरवा जे फरेला घवद से से शुरू हुआ सांस्कृतिक सत्र का समापन उग हो सूरज देव अर्घ्य के बेर जैसे गानों की भक्तिमय प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।

गोरखपुर की नृत्य नाटिका में काली अवतार और महाकाल की प्रस्तुतियो ने कार्यक्रम को याद गार बना दिया। बनियापुर के कराह में गंडकी नदी तट पर आयोजित कार्यक्रम में भोजपुरी कलाकारों ने बिजेंद्र बावला , आशुतोष सिंह शेर, लक्की राजा और रुचि सिंह ने अपने गायकी से दर्शको को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ पूर्व मुखीया राम प्रकाश दास, प्रमुख प्रतिनिधि अजय राय, और सूरज सिंह निकुंभ ने संयुक्त रूप से फीता काट कर किया, बिजेंद्र बावला ने कार्यक्रम का शुभारम्भ गणेश बंदना से की इसके बाद भोजपुरी कलाकार लक्की राजा, आशुतोष सिंह शेर, भीमलाल यादव, संजू शिवानी, रुचि सिंह, बिजेंद्र राजा प्रीतम प्यारे ने अपनी प्रस्तूति दी, इसके साथ गोरखपुर की प्रदीप दिव्या ग्रुप के कलाकारों ने बेहद आकर्षक झांकियों ने महाकाल, काली अवतार और राधा कृष्ण के प्रेम को जीवंत कर दर्शको की खूब बहवाही बटोरी।इस मौके पर समिति के संयोजक राकेश निकुम्भ ,जिला परिषद अध्यक्षा मीना अरूण , भाजपा नेता आनंद शंकर , इसुआपुर प्रखंड के मुखिया संघ के अध्यक्ष सरोज गिरी उर्फ़ संगम बाबा, पत्रकार विपिन मिश्रा सहित दर्जनों गणमान्य लोग रहे।