तरैया(सारण)। प्रखंड के तरैया बाजार से प्रखंड मुख्यालय की तरफ जाने वाली मुख्य सड़क पर स्थित खतरा नदी के निर्माणाधीन पुल के पास बने डायवर्सन के बगल में मंगलवार की सुबह फिर एक नवजात शिशु का शव तैरता हुआ दिखा। शव तैरते होने की खबर से दिन भर तरैया बाजार में कौतूहल दिखा। ज्ञातव्य हो की तरैया में स्थानीय प्रशासन के नाक के नीचे चल रहे दर्जनों अवैध नर्सिंग होम एवं झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है। जिनके यहां लिंग जांच से लेकर भ्रूण हत्या जैसे काम किए जाने की बातें हमेशा चर्चा में रही है। लेकिन ना जाने किस अज्ञात शक्ति के संरक्षण में ऐसे व्यवसाय अभी तक फल फूल रहे हैं एवं विभागीय पदाधिकारियों द्वारा कार्रवाई करने से परहेज किया जाता रहा है। तरैया बाजार में तरैया- छपरा रोड, ब्लॉक रोड एवं देवरिया रोड में दर्जनों ऐसे क्लीनिक एवं पैथोलॉजिकल लैब हैं जिनकी कार्यशैली पर बार-बार सवाल उठता रहा है। अवैध कमाई के लालच में लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने से भी बाज नहीं आ रहे ऐसे अवैध नर्सिंग होम में लोगों की गाढ़ी कमाई के पैसे ऐंठने के लिए बड़े से बड़े रोग के रोगी को भी बरगला कर एडमिट कर लिया जाता है। विगत के वर्षों में दर्जनों ऐसे रोगियों के मरने के मामले सामने आते रहे हैं। अपना सर्वस्व बेचकर रोगी का इलाज कराने के लिए जीवन भर की जमा पूंजी एवं संपत्ति खर्च कर देने के बाद भी रोगी की मौत होने के बाद परिजनों द्वारा जमकर हंगामा किए जाने के कई मामले भी सामने आए हैं। लेकिन इस तरह के मामलों में तुरंत ही इन नर्सिंग होम एवं क्लिनिको द्वारा पाले गए दलालों के द्वारा तुरंत ही मामले को रफा-दफा करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाता है। मृतक के परिजनों को इलाज खर्च के साथ-साथ ऊपर से कुछ मुआवजे की राशि देकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है और दोनों पक्षों की सहमति से मामला रफा-दफा होने के बाद स्थानीय थाने में कोई शिकायत नहीं जाती। जिस वजह से इलाज के क्रम में मौत होने के मामले में स्थानीय प्रशासन भी कुछ नहीं कर पाता। ज्ञातव्य हो कि आज से एक महीने पहले भी इसी तरह का एक नवजात बच्चे का शव खदरा नदी के डायवर्सन पर तैरता हुआ पाया गया था। उस समय काफी हो हल्ला भी मचा था और भ्रूण हत्या जैसे अवैध कारोबार में लगे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात अभी चल रही थी लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात हुआ और कहीं कोई कार्रवाई नहीं हुई।