क्वेरेंटीन कैम्प में आवासित प्रवासियों में
सब्जी व्यवसाय से जुड़े लोगों का भी सैम्पल लेकर करायी जायेगी जांच

• विडियोकॉफ्रेंसिंग के जरिये की गई बैठक में डीएम ने सभी एसडीओ, डीसीएलआर, बीडीओ और सीओ को दिए निर्देश

छपरा । जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन के द्वारा सभी अनुमंडल पदाधिकारी, डीसीएलआर, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी के साथ विडियोकॉफ्रेंसिंग कर निर्देश दिया गया कि सूरत, अहमदाबाद, दिल्ली सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, गुड़गाव और लुधियाना जैसे रेड जोन घेषित जिलों से आये प्रवासी श्रमिकों को क्वेरेंटीन कैम्प में हीं थोड़ा अलग व्यवस्था करायी जाय। उस कैम्प में रह रहे अन्य प्रवासी श्रमिकों से घुमने-मिलने नहीं दिया। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी कैम्प प्रभारियों को इस संबंध में निर्देश दें और स्वयं भी कैम्म में जाकर उन्हें समझाने का कार्य करें। जिलाधिकारी के द्वारा निर्देश दिया गया कि कैम्प में आने वाले प्रवासी श्रमिकों को 24 घंटे के अन्दर डिग्निटी किट, मच्छरदानी बाल्टी-मग, दरी एवं चादर हर हाल में दे दिया जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी क्वेरेंटीन केन्द्रों को दुग्ध पूर्ण का 25 किग्रा का पैकेट उपलब्ध कराया है। 200 ग्राम दुग्ध चूर्ण से 10 ग्लास दूध बनता है। केन्द्र पर रह रहे सभी लोगों को रात्री पहर एक ग्लास  दूध दिया जाना है जिसे सभी केन्द्रों पर सुनिश्चित करायी जाय। दुध का पैकेट खोलने के बाद उसे ठीक ढंग से बंद किया जाय तथा सुरक्षित जगह पर रखा जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी केंद्रों चिकित्सको की टीम भेजकर आवासितों का प्रतिदिन थर्मल स्क्रीनिंग करायी जाय और कोई भी सस्पेक्टेड मिले तो उसकी सूचना जिला भू अर्जन पदाधिकारी या सिविल सर्जन को तुरंत दी जाय। जिलाधिकारी के द्वारा  निदेष दिया गया कि सब्जी के व्यवसाय या सब्जी मंडी से जुड़े कम से कम 15 लोगों का प्रतिदिन सेम्पल कलेक्ट कर जाँच करायी जाय। जिलाधिकारी ने प्रत्येक बीडीओ और सीओ से प्रखंडों में बनायी गयी क्वेरेंटीन  कैम्पों की जानकारी प्राप्त की गयी जिसमें प्रखंड में चालू स्थिति में कितने कैम्प है, किसमें कितने लोग आवासित है, वहाँ कौन-कौन सी सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। जिलाधिकारी के द्वारा सभी अंचलाधिकारियों को क्वेरेंटीन कैम्पों की संख्या बढ़ाने के लिए भी निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि एक केन्द्र पर 200 से ज्यादे लोंगों को नहीं रखा जाय तथा रेड जोन से आने वाले लोगां को प्रखंड मुख्यालय के पास वाले कैम्प में ही रखा जाय। सभी केन्द्रों पर मेस समिति बनाने तथा समिति के सुझावानुसार खाना बनवाने का निर्देश दिया गया। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा, मनोरंजन के लिए टेलीविजन तथा सुबह-शाम विविध गतिविधियाँ चलाने का निर्देश दिया गया ताकि आवासितों को वहाँ रहना रूचिकर लगे। जिलाधिकारी ने कहा कि केन्द्र पर आवासित महिलाओं की सुरक्षा का समुचित प्रबंध किया जाय। प्रत्येक कैम्प में प्रतिदिन प्रखंड विकास पदाधिकारी या अंचलाधिकारी में से कोई एक पदाधिकारी एक बार जरूर विजिट करें और लोगों से उनका हाल-चाल पूछें।जिलाधिकारी के द्वारा निर्देश दिया गया सारण जिला के सभी ग्राम पंचायतों में प्रत्येक परिवार को चार मास्क और एक साबुन उपलब्ध कराया जाना है। साबुन और मास्क का वितरण संबंधित वार्ड  के वार्ड सदस्य करेंगे और इससे संबंधित पंजी संधारित करेंगे। साबुन और मास्क पर प्रति परिवार अधिकतम 100 रूपया खर्च करना है। मास्क जीविका संगठन  या खादी  भंडारां से खरीदा जाय परन्तु एक मास्क पर अधिकतम 20 रूपया खर्च करना है। इसका प्रचार-प्रसार भी लगातार तीन  दिनों तक कराना है। विडियोंकॉफ्रेंसिंग में जिलाधिकारी के साथ उप विकास आयुक्त अमित कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्रीमती अभिलाषा शर्मा, ट्रेनी आईएएस वैभव श्रीवास्तव, सिविलसर्जन माधवेष्वर झा, अपर समाहर्ता विभागीय जाँच, निदेषक डीआरडीए, डीसीएलआर सदर, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यपालक अभियंता पीएचईडी उपस्थित थे।