न्यूज इनपुट – पंकज कुमार सिंह/मशरक(सोशल ग्रुप एक्टिविस्ट)

घोर दिक्कतों के अभाव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अधिकांश पद रिक्त, लचर स्थिति में है चिकित्सा व्यवस्था

मशरक : प्रखंड मुख्यालय अवस्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं का घोर अभाव इलाके के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराने में बाधक बन रहा है। पांच वर्ष पहले ही अस्पताल के नया भवन मिला।पर बड़ी भवन बस देखने भर की है भवन जहां तहां से टूटकर गिर रहा है दरवाजे सड़ गये। इलाज के लिए सुविधाओं का घोर अभाव है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए बेड तो उपलब्ध है लेकिन संसाधनों तथा कर्मियों के कमी के कारण यह अस्पताल अपने उद्देश्यों को पूरा करने में सफल नहीं हो रहा है।हाथी की तरह विल्डिग बाहर से चकाचक भवन लोगों को इस बात की उम्मीद जरूर दिलाता है कि यहां आधुनिक स्वास्थ्य सेवा के सभी उपकरण उपलब्ध होंगे। लेकिन इसके कैंपस में आते ही स्वास्थ्य कर्मियों की कमी से बदहाली का एहसास होने लगता है।यहां सृजित पदों के अनुरूप न तो विशेषज्ञ चिकित्सक ही पदस्थापित हैं और नहीं अन्य कर्मी। इस अस्पताल में ड्रेसर का पद लंबे समय से खाली है। जब कभी विशेषज्ञ चिकित्सकों की जरूरत पड़ती है तो यहां खानापूर्ति कर रेफर करने के अलावा कोई व्यवस्था नहीं रहता है। अस्पताल भवन परिसर का मुख्य गेट नही रहने और चहारदीवारी पीछे से टूटे रहने के कारण परिसर में लावारिस पशु, कुत्ता,सुअर विचरित करते रहते हैं। मरीजों के परिजनों को बैठने के लिए कोई शेड की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। स्थानीय लोगों को इस स्वास्थ्य केंद्र से काफी उम्मीदें हैं।लेकिन चिकित्सकों की कमी के कारण स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही है।

आम लोगों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति है नाराजगी

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की लचर व्यवस्था से आम जनता में काफी नाराजगी है। पर बता दें कि‌ बीते पिछले साल से ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आये रोगियों के इलाज में विवादों में घिरा रहता है। साथ ही कर्मचारी आरोप-प्रत्यारोप लगा एक दूसरे पर टालमटोल करते हुए नजर आते हैं। कभी दवा नहीं होने की बात बताई जाती है तो कभी डॉक्टर के नहीं होने की। गरीब जनता जब भी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए आते हैं तो पता चलता है कि दवा ही नहीं है। एंटी रैबिज की सुई तो पिछले एक महीने से नहीं मिल रहीं है। आपको बता दे यह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तीन जिलों के सीमा पर अवस्थित हैं । छपरा, सिवान, गोपालगंज से लगभग-लगभग 50 किलोमीटर और राजधानी पटना से 110 किलोमीटर की दूरी पर पर अवस्थित हैं । वहीं इस इलाके से तीन हाईवे की सड़क गुजरती है और वो भी सभी मशरक मे ही आकर मिलती है वही एक हाईवे राम जानकी पथ जल्द ही शुरू होने वाली है जिस पर बराबर सड़क दुर्घटना होती रहती है जिसमें घायलों का समुचित इलाज नहीं होंने व बेहतर इलाज के लिए यहाँ से ले जाने के दौरान मौत होने की घटनाएं ज्यादा होती है।वही स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री समेत सांसद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के परिसर में ट्रामा सेंटर या अस्पताल को अपग्रेड कर रेफरल करने की मांग बार बार की गई है पर कोई फायदा होता नही दिख रहा है वही स्थानीय जनप्रतिनिधियों को प्रखंड के स्वास्थ्य सेवा से कोई लेना-देना नहीं है न ही उनके द्वारा कभी कोई कोशिश की जाती है। पिछले महीने पहले मुखिया संघ जनप्रतिनिधियों ने एक बैठक कर पुराने ओपीडी भवन को पंचायत फंड से मरम्मत करने का विचार किया था पर मामला हवा हवाई हो गया।

इस केंद्र में पर्याप्त सुधार की जरूरत

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के अधीन 19 उप स्वास्थ्य केन्द्र हैं, कहने को तो मशरक प्रखंड के ग्रामीण इलाके के लोगों को चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराने के लिए 19 उप स्वास्थ्य केन्द्र मशरक, अरना,बहुआरा, बनसोही, छपिया,देवरिया,डुमरसन, गंगौली, हनुमानगंज, हरपुरजान, जजौली, खजुरी,कवलपुरा, लखनपुर,पदमौल,पिलखी, सनौली, सिकटी भिखम, बहरौली, गंडामन की व्यवस्था की गई है। जहाँ की सारी व्यवस्था एएनम के जिम्मे दे दी गई है और वो भी कभी-कभार ही खुलती हैं । लेकिन कागज पर दुरुस्त दिखने वाली इन उप केंद्रों की व्यवस्था धरातल पर पूरी तरह से लचर दिखती है। न ही ढंग की व्यवस्था और ना ही मरीजों के लिए बेड व दवा का इंतजाम है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अधिकांश पद रिक्त

मशरक स्वास्थ्य केन्द्र पर अधिकांश पद रिक्त है। ऐसे में क्षेत्र के मरीजों को समुचित चिकित्सा व्यवस्था का लाभ नहीं मिल रहा है। मशरक के स्वास्थ्य केन्द्र में दो नियमित, दो अनुबंध, और तीन आयुष डॉक्टर समेत एक महिला चिकित्सक पदस्थापित है। सर्जन तथा मेडिसन डॉक्टर का पद रिक्त है। वही तकनीकी सहायक, प्रयोगशाला सहायक , सहायक रेडियोग्राफर, दवा वितरक, एक्स-रे ऑपरेटर,ड्रेसर समेत अधिकांश पद रिक्त हैं। कुछ महीने पहले जिलाधिकारी सारण सुब्रत कुमार सेन ने औचक निरीक्षण में मीडिया द्वारा चिकित्सकों और कर्मचारियों के कमी पर उन्होंने कहां था कि जल्द जल्द से मशरक अस्पताल की कमियों को दूर कर सेवा सदृढ़ कर दिया जायेगा।

क्या कहते हैं स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी डॉ अनंत नारायण कश्यप

अस्पताल सेवाओं पर डॉ अनंत नारायण कश्यप कहते हैं कि जो भी साधन संसाधन उपलब्ध है उससे मरीजो की सेवा की जा रही है। चिकित्सकों और कर्मचारियों की कमी के बारे में जिला प्रशासन को जानकारी दे दी गई है। दवाएं ओपीडी में 13 उपलब्ध है वही इनडोर में 56 दवाएं उपलब्ध है। कुते काटने की सूई ऐन्टीरैबीज पिछले महीने से नही है। पैथौलाॅजिक जांच के लिए उपलब्ध सामग्री है पर टेक्निशियन के तीन-तीन जगहो के प्रभार के अभाव में जांच नही हो पा रहा है। एक्स-रे मशीन उपलब्ध है पर अल्ट्रासाउंड मशीन परिसर में उपलब्ध नहीं है।