*कल रविवार को हैं स्वयं सिद्ध मुहूर्त ,भड़रिया नवमी*
*✍श्रीनारद संवाद सेवा*
🤜ज्योतिषीय दृष्टि से किसी भी शुभ या मंगल कार्य को करने के लिए अच्छे मुहूर्त का बड़ा महत्व है किसी विशेष कार्य को करने में जब प्राकृतिक ऊर्जाएं भी पूर्णतः हमारे लिए सहायक स्थिति में हो तो इसे ही मुहूर्त कहते हैं वैसे तो किसी शुभ या मंगल कार्य के लिए वर्ष भर में व्यक्तिगत रूप से बहुत से मुहूर्त निकाले जाते हैं परन्तु ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार वर्ष भर में कुछ ऐसे विशिष्ट मुहूर्त होते हैं जिन्हे “स्वयं सिद्ध मुहूर्त” कहा जाता है “भडरिया नवमी” भी एक स्वयं सिद्ध मुहूर्त है हिन्दू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भडरिया नवमी का सिद्ध मुहूर्त होता है सिद्ध मुहूर्त होने से इस दिन किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए पंचांग शुद्धि देखने की आवश्यकता नहीं होती कोई भी मंगल कार्य या नये कार्य की शुरुआत इस दिन की जा सकती है इस दिन रोकना, सगाई, विवाह संस्कार, नींव पूजन, गृह प्रवेश, व्यापर आरम्भ, वाहन खरीदना आदि कार्य किये जा सकते हैं। इस बार ” 2 जुलाई 2017 रविवार को भडरिया नवमी है” विवाह मुहूर्त के लिए यह दिन बहुत शुभ माना गया है …………. ज्योतिषीय दृष्टि से किसी भी कार्य को करने में उस दिन चन्द्रमाँ की स्थिति का बड़ा विशेष महत्व होता है और इस बार भड़रिया नौमी के दिन चन्द्रमाँ तुला राशि में अर्थात शुक्र की राशि में गोचर करेगा और शुक्र को भौतिक सुख संसाधन और वैवाहिक जीवन का कारक ग्रह माना गया है इसलिए इस बार भड़रिया नौमी का दिन वाहन, वस्त्र, सजावटी सामान, ज्वैलरी, सुगन्धित पदार्थ, लग्जुरियस आइटम्स आदि खरीदने के लिए और विवाह संबधी कार्यों के लिए बहुत शुभ रहेगा चन्द्रमाँ का शुक्र की राशि में होना इस बार भड़रिया नौमी के मुहूर्त की विशेषता रहेगी
।।श्री हनुमते नमः।।
*👉इनपुट : पंडित नन्द किशोर ( पानीपत )*
*📞0868038822*





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