दैनिक खोज खबर/दरियापुर/भेल्दी(सारण)।
भेल्दी थाने के बसौता गांव के दो चचेरे भाइयों की दर्दनाक मौत शुक्रवार की देर रात डेरनी थाने के पिरारी गांव में रथ पर सोने के दौरान करंट लगने से हो गई। मृतकों में भेल्दी थाने के बसौता गांव के हसेन्द्र सिंह का पुत्र आलोक कुमार सिंह (20)व बासुदेव सिंह का पुत्र अनीश कुमार सिंह (18) शामिल हैं।
घटना के संबंध मेें मिली जानकारी के अनुसार भेल्दी थाने के बसौता गांव के दोनों चचेरे भाई आलोक कुमार सिंह व अनीश कुमार सिंह शुक्रवार को शादी-विवाह वाले रथ को लेकर इसुआपुर थाने के भिठ्ठी गांव से डेरनी थाने के खिड़कियां गांव मेें बारात लगाने के लिए गए हुए थे।दूल्हे का बारात लगने व द्वारपूजा होने के बाद दोनों भाई आलोक व अनीश अपने रथ को लेकर अपने ननिहाल डेरनी थाने के पिरारी गांव के मिश्रीलाल प्रसाद के यहां आ गए। दरवाजे पर रथ को लगा रथ के ऊपर सोने के लिए जैसे ही चढ़े कि बिजली प्रवाहित तार की चपेट में दोनों आ गए। दोनों भाइयों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। करंट लगने के बाद जब रथ के चक्के से आग लगी और विस्फोट हुआ तो ननिहाल के लोग दौड़कर घर से बाहर निकाले तो देखा कि दोनों रथ के मृत पड़े हैं। रात्रि में ही परिजनों ने दोनों के मौत की सूचना डेरनी पुलिस को दी। डेरनी पुलिस ने दल-बल के साथ रात्रि मेें ही घटनास्थल पर पहुंच दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया।
मृत चचेरे भाई आलोक कुमार सिंह व अनीश कुमार सिंह का शव शनिवार की दोपहर छपरा सदर अस्पताल से पोस्टमार्टम के बाद बसौता गांव में पहुंचते ही परिजनों मेें चीख-पुकार मच गई। मृत आलोक का शव देखते ही मां पार्वती कुंवर मूर्छित होकर गिर पड़ी। वह जब भी होश में आती अपने पुत्र के शव से लिपटकर रोने लगती।भाई अमरजीत सिंह, बसंत सिंह, रणधीर सिंह व मृत्युंजय सिंह दहाड़ मारकर रो रहे थे।वहीं अनीश कुमार सिंह के शव के पास मां सुनीता देवी छाती पीट-पीटकर रो रही थी।पिता बासदेव सिंह शव को देख बेसूध पड़े थे। वहीं भाई मनीष कुमार सिंह, बहन काजल कुमारी के आंखों से आंसू सूखने का नाम नहीं ले रहा था। अनीश दसवीं का छात्र था। सारण जिला राजद अध्यक्ष सुनील राय,पैगामित्रसेन मित्रसेन पंचायत के मुखिया संजीव प्रसाद यादव,पूर्व मुखिया रमेश कुमार यादव,कोरेया के मुखिया प्रतिनिधि नागेश्वर चौहान,कांग्रेस नेता हरेश कुमार यादव,रवि कुमार सिंह, ठेकेदार लालबाबू सिंह, राधेश्याम राय उर्फ अनिल मस्ताना, पूर्व जिला पार्षद मनोरमा कुमारी सिंह आदि ने मृतक के प्रति गहरी संवेदना ब्यक्त की है। दो चचेरे भाइयों की मौत से सदमें में है बसौता के लोग । चचेरे भाई आलोक कुमार सिंह व अनीश कुमार सिंह की करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत के बाद परिजनों के साथ-साथ कोरेया पंचायत के बसौता गांव के लोग भी सदमें में है।गांव में मरघटी सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीण रवि कुमार सिंह ने बताया कि मृत आलोक कुमार सिंह के पिता की मौत चार साल पहले हो गई थी। वह घर का एक मात्र कमाऊ सदस्य था। दिन में कंस्ट्रक्शन का काम करता था और लगन के दिनों में रथ को लेकर शादी-विवाह में जाता था।अनीश भी आलोक के कामों में अपना हाथ बटाता था।इसुआपुर के भिठ्ठी गांव से दूल्हे के रथ को लेकर डेरनी के खिड़कियां गांव गए थे।आलोक कुमार सिंह व अनीश कुमार सिंह दोनों चचेरे भाई अपने रथ को लेकर पहले इसुआपुर थाने के भिठ्ठी गांव के रामदेव सिंह के पुत्र शैलेंद्र सिंह के यहां गए थे।दूल्हे के रथ को लेकर डेरनी थाने के खिरिकिया गांव में गए हुए थे।




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