🛑 मांडलगढ़ – उप चुनाव 🛑

कमजोर लग रहा,राजे जी का खुफिया तंत्र, कांग्रेस की जीत का अब जोशी जी देंगे मंत्र

💢 मांडलगढ़ [ दिलीप मेहता ]..✍🏻मांडलगढ़ विधानसभा सीट को लेकर चुनाव मैदान में कांग्रेस व भाजपा में बढ़ती गुटबाजी के कारण कांग्रेस में तो निर्दलिय गोपाल मालवीय के खडे होने से नजारा साफ हो गया लेकिन अब भाजपा में अंदर ही अंदर चल रही सुगबुगाहट से मामला गंभीर लग रहा है । इसी से आहत होकर राजे ने 4 -5 दिनो के अंतराल में 2 बार मांडलगढ़ आकर इसका प्रमाण भी दे दिया है और यह भी चर्चाये है कि फिर भी गडबड लगा तो 27 जनवरी को भी राजे यहां आ सकती है लेकिन यह अभी साफ नहीं है ? दुकान में सजा कर रखी बैट्रियों में जब कुलेन या एसीड डाला जाता है तो वह फिर चार्ज होती है । ठीक उसी तरह 2 बार के दौरे में राजे ने उन कार्यकर्ताओ को संबल देकर चार्ज जरूर कर दिया जिनको भाजपा जिला संगठन ने दरकिनार कर रखा था ।

क्षेत्र में आज तक की संभावित जानकारी के अनुसार भाजपा टक्कर में होकर भी थोडी कमजोर लग रही है और उसका कारण जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओ से दूरी व नाराजगी प्रतीत हो रहा है । राजे 2 माह पहले ही आकर वास्तविक स्थिति संभालती तो आज भाजपा बढ़त की राहो पर दिखाई देती अब राजे का आना ऐसा लगा जैसे सर्दी निकलने के बाद में कंबल बांटना ? कांग्रेस के लिये आज चंबल के पानी के भागीरथ बन कर इस क्षैत्र व जिले में उभरे नेता सीपी जोशी आ रहे है और शालीनता से रणनीति बनाकर चुनावीकमान पर नजरे रखे हुये है । उनका आना बहुत महत्वपूर्ण है क्योकि विवेक धाकड को टिकट दिलाने वाले पेरोकार वो ही है ? खुद जोशी जानते है कि चुनाव की अहमियत क्या है क्योंकि वे नाथद्धारा सीट पर मात्र 1 वोट से हारे थे । इसिलिये कांग्रेस इस बार बुथ स्तर तक एक एक मत के लिये नजर लगाये बैठी है । जोशी दिल्ली बैठे बैठे भी मांडलगढ़ चुनाव के लिये रोजाना निर्दशित करते रहे है ।

जोशी आकर कांग्रेस जनो को जीत का मंत्र देगे लेकिन मतो पर पकड बनाने पर पुरा पुरा जोर देगे ? कांग्रेस ने मोबाईल पर भी वोट देने की अपील कर हाईटैक प्रचार शुरू किया है ? साथ ही निर्दलिय गोपाल मालवीय के लिये प्रचार करने किरौडीलाल मीणा के आने की चर्चाये चल रही है । मालवीय के यहां कोई गुटबाजी नहीं है बल्कि दोनो दलो से नाराजगी के मत वो ले रहे है क्योंकि वे खुद नाराज होकर कांग्रेस के खिलाफ मैदान में है।

फिलहाल यह चुनाव उप चुनाव होने के कारण दिलचस्प दिखाई दे रहा है । कांग्रेस के लिये यह चुनाव अब गुटबाजी से दूर लग रहा है तो भाजपा में अभी भी कोहरे की तरह धुंधला दिखाई दे रहा है । आगे … फिर कैसा नजरिया रहेगा और राजे व जोशी की लडाई में कौन दौड में आगे रहेगा या नही अभी तक भी चुनावी दौड की पटरी साफ नहीं है और ,,,,,पटरी इन 2-3 दिनो में किस छौर से साफ दिखेगी ….यह तो आगे ,,अब राम ही जाने ??🤷🏼‍♂🤷‍♀