
‘एक था मोहन’ व ‘गांधी की पाती’ पुस्तक वाचन हेतु शिक्षकों का प्रशिक्षण शुरू
✍️परवेज अख्तर/सिवान;
जीरादेई-: दो अक्टूबर से प्रखंड के 100 से अधिक प्रारंभिक व माध्यमिक विद्यालयों के पच्चीस हजार से अधिक बच्चें ‘एक था मोहन’ और ‘बापू की पाती’ नामक पुस्तक से प्रतिदिन कथा वाचन करेंगे। इसको लेकर सोमवार से जीरादेई स्थित आदर्श मध्य विद्यालय में 40 शिक्षक- शिक्षिकाओं का दो दिवसीय प्रखण्ड स्तरीय प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। प्रशिक्षण सह कार्यक्रम का उद्घाटन वरीय बीआरपी कन्हैया पड़ित, बबीता सिंह, सुधीर कुमार शर्मा, हरिकांत सिंह आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। वहीं बीआरपी अब्दुल माजिद, सीआरसीसी जुनेद अली, बाल कुंवर साह आदि ने गांधीजी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम संचालन को हरी झंडी दी। कार्यक्रम का संचालन किशोर पाण्डेय ने किया। बतौर मास्टर ट्रेनर रूपेश कुमार राय, मनोज कुमार सिंह, जुनेद अली व किरण सिंह ने बताया कि बच्चें प्रत्येक दिन संबंधित पुस्तकों का वाचन करेंगे, ताकि गांधी के विचारों को वे आत्मसात कर सकें। प्रशिक्षक रूपेश कुमार राय ने बताया कि कौन जानता था कि 34 छात्रों में 32 वें पायदान पर रहने वाला मोहन एक दिन प्रेम, दया, सत्य व अहिंसा की अमिट स्याही से विश्व मानचित्र को रेखांकित करेगा। बीआरपी कन्हैया पड़ित ने बताया कि इस प्रशिक्षण से छात्रों में चारित्रिक व नैतिक बल प्राप्त होगा। वहीं बीआरपी बबीता सिंह ने महात्मा गांधी को स्वच्छता का संवाहक बताया। परिचय से चेतना-सत्र का प्रारंभ किया गया। कार्यशाला को 10-10 शिक्षकों से निर्मित 4 समूहों में बांटकर प्रशिक्षण को रोचक बनाया गया। जिसका नाम गांधी जी के जीवन से जुड़े अहिंसा, सत्य, अभय व अपरिग्रह रखा गया था। सभी ग्रुपों ने बेहतर ढंग से अपने विषय वस्तु की प्रस्तुति की। बता दें कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य गांधी जी के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।मौके पर शिक्षक विनोद कुमार शशि, अरुण कुमार तिवारी, राकेश साह, ओम प्रकाश सिंह, उदय कुमार तिवारी, विवेकानंद, लालबाबू राम, अर्चना आर्याणी, शशि देवी, ममता देवी, संगीता देवी, मुकेश कुमार पांडेय, राकेश कुमार दुबे, अनिल कुमार मांझी, निशा कुमारी सिंह सुमन, कुमारी सविता सिंह, जितेंद्र सिंह, धर्मकृत सिंह, रीना कुमारी शर्मा, राजेश कुमार ठाकुर, गणेश प्रसाद, मनोज कुमार अकेला, मोहम्मद्दीन अंसारी, इंदु कुमारी, विजय कुमार, कृष्ण कुमार ओझा, अंजू कुमारी, आरती कुमारी, अजय कुमार पांडेय, दुर्गेश कुमार, नुजहत जहां, राजेश कुमार, पिंटू कुमार सिंह, श्री राम विद्यार्थी, सुरेश यादव, मनोज कुमार यादव, संजय शर्मा, किरण कुमारी व अनिता कुमारी समेत 40 शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद थे।




Recent Comments