आर्थिक विपन्नता से जूझते हुए पंकज बने दारोगा,मां के आंख से छलके ख़ुशी के आंसू

मढ़ौरा(सारण) : स्थानीय प्रखंड के मिर्जापुर गांव के दलित बस्ती का आर्थिक विपन्नता झेल रहे परिवार का युवक दारोगा बना.खबर सून युवक पंकज के मां के आंख से ख़ुशी के आंसू छलक गये.कारण की मजदूरी करने वाले परिवार को हमेशा आर्थिक तंगी से जूझना पड़ता था.

वहीं दारोगा बना युवक मिर्जापुर वासी रमेश मांझी व चांदमति देवी का छोटा पुत्र पंकज माँझी वीपीएससी 56-64 वीं और 60-62 वीं के परीक्षा में पिटी निकाला था.लेकिन अच्छी तैयारी नहीं हो पाने के कारण दोनों बार मेंस में असफ़ल हो गया था.जिसकों लेकर पंकज को काफी मलाल भई था कि आर्थिक संपन्नता रहती तो अच्छे शहर में कोचिंग कर प्रतियोगी परीक्षा का अच्छी तरह से तैयारी कर लेता। लेकिन आर्थिक विपन्नता हमेशा रोड़ा बन के खड़ा रहता हैं.

पंकज के पिता रमेश मांझी दिल्ली में मजदूरी करते हैं.जबकी बड़े दों भाई भी बेरोजगार ही हैं.पंकज की प्रारम्भिक पढ़ाई गांव के स्कूल से हुआ.जबकी मैट्रिक प्रखंड मुख्यालय स्थित केपी हाई स्कूल से और स्नातक की पढ़ाई जिला मुख्यालय स्थित राजेन्द्र कॉलेज से पूरी की हैं.प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी घर पर ही रहकर स्वअध्ययन से करता हैं.विडम्बना ये भी हैं की जिस बस्ती में पंकज रहते हैं, वों बस्ती नशापान के लिए बदनाम हैं और आयें दिन पुलिस नशामुक्ति के लिए अभियान चलाकर दबिश बनाती रहती हैं.उसमे पंकज का परिवार अपवाद हैं कि इनके परिवार के सभी सदस्य स्वयं को नशा से दूर और इस धंधे को तौबा किया हुआ हैं और परिवार के भरण पोषण मजदूरी कर करते हैं.पंकज इस सफ़लता का श्रेय अपने माता-पिता, बड़े भाइयों , गुरुजनों और सहपाठियों को दिया और कहा कि आर्थिक विपन्नता भी हमेशा कुछ करने के लिए प्रेरित करता था.जिसका नतीजा हैं की घर खुशियां चल के आई हैं.पंकज के सफ़लता पर बधाई देने वालों मे मुखिया प्रतिनिधि हर्षवर्धन दीक्षित, समाज सेवी अंशुमन दिवेदी, एसपी गुप्ता, राजेश कुमार भक्त समेत अन्य लोग भी शामिल हैं।