आध्यात्म पर परिचर्चा के लिए परसा में एक दिवसीय सेमिनार आयोजित

परसा(सारण)-सच्चे इंसान की कोई जात नही होता है।वे केवल धर्म की मार्ग पर चल समाज में पूजनीय और बंदनीय बनते है।उक्त बातें स्थानीय प्रभुनाथ कॉलेज में प्राचार्य डॉ पुष्प राज गौतम द्वारा आयोजित एक दिवसीय सेमिनार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीएचयू के डॉ शुशील कुमार सिंह ने कही।उन्होंने कहा कि योगीराज अद्वैतानंद जी महाराज छपरा की मिट्टी में जन्म लेकर ब्रह्मज्ञान की प्राप्ती कर भारत जगत गुरु से गौरवन्तित हुए।भारत की ऊर्जा उसकी आध्यात्मिक शक्ति में निहित होने की बातें कही।

वही डॉ बिमल किशोर मिश्रा ने कहा कि योगीराज अद्वैतानंद जी महाराज ने समाज के टूटते बिखरते स्वरूप को सहेजने के लिए आदर्श ब्यक्तित्व के रूप में जाने जाते है।उन्होंने ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति कर देश बिदेश की भ्रमण कर समाज को जोड़ने का प्रयास करने का पहल करने की बातें कही।

जबकि प्राचार्य डॉ पुष्प राज गौतम ने कहा कि योगीराज अद्वैतानंद जी महाराज ने समाज को एक सूत्र में बांधने के लिए देश में ज्ञान का प्रकाश फैलाकर पाकिस्तान की टेरी में आश्रम स्थापित कर समरस समाज की अभेद पताका फहराया जो आज देश दुनिया में प्रवाहित हो रही है।बोध गया विश्वविद्यालय के डॉ सिद्धार्थ गौतम ने योगीराज जी के लिखे गीतों को प्रस्तुत कर सन्देश दिया गया।कार्यक्रम को नानू कुमार सिंह डॉ संजय कुमार सिंह डॉ ब्रज कुमार पाण्डेय धनजंय कुमार सिंह डॉ आनंद वर्धन आदि ने योगीराज जी महाराज के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके दिए उपदेस के पथ पर चलने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथियो द्वारा दिप प्रज्वालित कर किया गया।तथा प्राचार्य डॉ गौतम डॉ संजय सिंह द्वारा मुख्य अतिथियो को अंग बस्त्र देकर समानित किया गया। कार्यक्रम में पूर्णव कुमार प्रो अनीता कुमारी डॉ दीपा मुखर्जी प्रो चन्दन कुमार प्रो सौरभ भार्टचार्य मनोज कुमार अनिश कुमार रविशंकर कुमार शशि कुमार अशोक कुमार अनिल कुमार तिवारी संजय कुमार राय शैलेन्द्र कुमार आदि उपस्तिथ थे।