नगरा।अरवल में सिविल सर्जन के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना के विरोध में बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरा में चिकित्सकों ने एक दिवसीय विरोध दर्ज कराया.इस दौरान इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर ओपीडी सेवा पूरी तरह बाधित रही,जिससे इलाज कराने पहुंचे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.कई मरीज बिना इलाज कराए वापस लौट गए,जबकि गंभीर मरीजों का इलाज इमरजेंसी वार्ड में जारी रहा.वहीं इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी डॉ. द्वेषचंद्र ने बताया कि अरवल की घटना के विरोध में पूरे बिहार में चिकित्सकों द्वारा एक दिवसीय विरोध कार्यक्रम के तहत इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर ओपीडी सेवाएं स्थगित रखी गई हैं.

नगरा में टीबी उन्मूलन अभियान में 20 हजार लोगों हुई स्क्रीनिंग,विभाग अलर्ट

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नगरा।राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत नगरा प्रखंड क्षेत्र में डोर-टू-डोर टीबी स्क्रीनिंग अभियान तेज गति से चलाया जा रहा है. नगरा स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंचकर संभावित मरीजों की जांच कर रही है,ताकि समय रहते टीबी रोगियों की पहचान कर उनका उपचार शुरू किया जा सके.सीएचसी नगरा के एसटीएस विकास श्रीवास्तव ने बताया कि जिला से आदेश अनुसार नगरा प्रखंड में करीब 27 हजार लोगों की टीबी स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.इसके तहत अब तक लगभग 20 हजार लोगों की जांच पूरी की जा चुकी है,जबकि शेष लोगों की स्क्रीनिंग का कार्य कैंप और डोर टू डोर तेजी से जारी है.उन्होंने बताया कि जनवरी से जुलाई तक प्रखंड में 53 टीबी मरीज चिन्हित किए गए हैं.सभी मरीजों का नियमित उपचार किया जा रहा है तथा उन्हें समय पर दवा,चिकित्सकीय परामर्श और पौष्टिक खान-पान अपनाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है.वहीं इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. द्वेषचंद्र ने बताया कि अभियान से जुड़े सभी स्वास्थ्यकर्मियों को निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया है.उन्होंने स्पष्ट कहा कि टीबी स्क्रीनिंग या मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

डेंगू से बचाव को लेकर नगरा में विशेष अभियान शुरू,आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया प्रशिक्षण

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नगरा।मानसून के दौरान डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरा में डेंगू से बचाव एवं जागरूकता अभियान की शुरुआत कर दी गई है.अभियान को प्रभावी बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है,ताकि वे घर-घर जाकर लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक कर सकें.प्रशिक्षण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं को डेंगू के लक्षण, बचाव के उपाय, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने, घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने तथा बुखार होने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई.साथ ही लोगों को नियमित रूप से साफ- सफाई रखने और पूरी बांह के कपड़े पहनने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया गया.इस मौके पर केटीएस सुजीत कुमार भी मौजूद रहे और अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा- निर्देश दिए.वहीं इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. द्वेषचंद्र ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशानुसार पूरे प्रखंड में डेंगू जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है.सभी स्वास्थ्यकर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है.उन्होंने कहा कि अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी.