गोपालगंज : बैकुंठपुर प्रखंड स्थित बाल विकास परियोजना विभाग का का अनियमितता उजागर हुआ है। जहां डीपीओ प्राधिकरण के द्वारा सेविका के चयन मुक्त का आदेश आ जाने के बाद भी राशि मुहैया करा कर सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगा है। बताया जाता है कि प्रखंड क्षेत्र के फैजुल्लापुर पंचायत के वार्ड संख्या सात में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 269 के लिए सेविका पद पर बहाल सेविका उषा कुमारी को पूर्व विपक्षी सविता कुमारी द्वारा दायर अपील वाद की सुनवाई के बाद पूर्व में चयनित सेविका को छ माह पहले ही चयन मुक्त का आदेश आ चुका है।फिर भी राशि मुहैया होने से चयन मुक्त सेविका द्वारा टेक होम राशन का वितरण का मामला प्रकाश में आया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विपक्षी अभ्यर्थी सविता कुमारी द्वरा आरोप लगाया गया था कि फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर सीडीपीओ ने बहाली प्रक्रिया पूर्ण कर ली । जिसको लेकर विपक्षी अभ्यर्थी सविता कुमारी पति हरेराम कुमार राम द्वारा डीपीओ प्राधिकरण में अपील वाद दर्ज कराया गया।

सुनवाई के बाद 18 फरवरी 2019 को न्यायालय द्वारा आरोप सही पाये जाने से सेविका पद के लिए बहाल किये गए उषा कुमारी को चयन मुक्त करते हुए विपक्षी सविता कुमारी का चयन करने का आदेश बाल विकास परियोजना विभाग को दिया गया। लेकिन आदेश का लगातार अवहेलना की जा रही है।डीपीओ के न्यायालय द्वारा जारी किये गये आदेश के छह माह से अधिक बीत जाने के बाद भी उक्त केंद्र के लिए विपक्षी अभ्यर्थी सविता कुमारी का चयन नहीं किया गया। हालांकि यह जानकारी सीडीपीओ देती रही कि उषा कुमारी को चयन मुक्त कर दिया गया है। इस मामले में स्थानीय महिला पर्यवेक्षिका ममता कुमारी से पूछे जाने पर बताया कि टीएचआर व पोषाहार के लिए बिल पास करने एवं राशि मुहैया कराने की जिम्मेवारी सीडीपीओ की होती है।