Θ बेतिया – बगहा:– हिन्दी प्रेम की भाषा और हमारी पहचान

बगहा पo चम्पारण

✍न्यूज इनपुट नीरज ठाकुर बेतिया (प.च) बिहार 👉

हिन्दी हमारी राजभाषा है। इसकी प्रगति में ही देश की प्रगति है। भारतीय संविधान ने 14 सितम्बर 1949 को हिन्दी को राजभाषा का दर्जा दिया एवं भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 में यह प्रावधान किया गया कि देवनागरी लिपि के साथ हिन्दी भारत की राजभाषा होगी। उक्त बातें राo उo मध्य सह माध्यमिक विद्यालय, पचरूखा, बगहा 2 के हिन्दी शिक्षक सुनिल कुमार ने कहा।

उन्होंने आज के आधुनिक समय में आधुनिकीकरण के कारण हिन्दी की महत्ता के प्रभावित होने पर चिंता प्रकट करते हुए विद्यार्थियों को हिन्दी के महत्व एवं उपयोगिता के बारे में बताया। हिन्दी का प्रभाव जीतना ही व्यापक होगा हमारा राष्ट्र उतना ही उन्नत होगा एवं देश की एकता व अखंडता बनी रहेगी। देश के हर शिक्षित नागरिक को जिम्मेदारी के साथ हिन्दी को बढ़ावा देना चाहिए। यह हमारे लिए गर्व की बात होगी।

हिन्दी प्रेम की भाषा एवं भावों की अभिव्यक्ति है। इससे हमारे सभ्यता, संस्कृति, आचरण एवं व्यवहार आदि का पता चलता है। विद्यालय के आशिष कुमार, मोo आरिफ, डिंटेन कुमार, सुब्बी कुमारी, सुनीता कुमारी, चाँदनी कुमारी, रंजना कुमारी, सलोनी कुमारी आदि विद्यार्थियों ने बताया कि हिन्दी के बारे में जानकर अच्छा लगा हम इसे बढ़ावा देने का काम करेंगे।

1881 में बिहार राज्य ने सर्वप्रथम हिन्दी को आधिकारिक भाषा के रूप में चुना। आज दुनियाभर के लगभग 64 करोड़ लोगों की मातृभाषा हिन्दी है। हिन्दी सीखने के दृष्टिकोण से दुनिया के अन्य भाषाओं की तुलना में सहज है। हिन्दी का सम्मान और प्रसार करें।