48 घंटों में पीबीएम के डॉ. काजला के खिलाफ कार्रवाई नहीं तो आमरण अनशन
श्री राम अस्पताल का मामला,सुरेंद्र सिंह ने दी अनशन की चेतावनी
भैरु सिंह राजपुरोहित ब्यूरो चीफ  ( Edited by आज़ाद नेब )
बीकानेर 27 मई। संभाग के सबसे बड़े अस्पताल पीबीएम  के चिकित्सक आर.के. काजला की और से निजी श्रीराम अस्पताल में एक महिला का ऑपरेशन करने पर महिला की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 
मामले को लेकर पीबीएम हेल्प कमेटी के अध्यक्ष युवा समाजिक कार्यकर्त्ता सुरेन्द्र सिंह राजपुरोहित ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि दोषी डॉ. आर.के.काजला के खिलाफ 48 घंटे के भीतर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन व आमरण अनशन किया जायेगा।
जानकारी के अनुसार:पीबीएम हेल्प कमेटी द्वारा कल प्रात: 1 बजे मेडिकल कॉलेज प्राचार्य बीकानेर पुलिस अधीक्षक जिला कलक्टर एवं राजस्थान चिकित्सा मंत्री को ज्ञापन दिया जायेगा । पीबीएम हेल्प कमेटी के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह राजपुरोहित ने कहा कि पीबीएम अस्पताल के काफी डॉक्टर जो प्राईवेट अस्पतालों में ऑपरेशन करते है और घरो में निजी लैब चलाते है। ऐसे में पीबीएम के डॉक्टरों का ध्यान निजी लैबों व प्राईवेट अस्पतालों पर ज्यादा ध्यान लगा रहता है। राजपुरोहित ने आरोप लगाया है कि पैसे कमाने के चक्कर में डॉ.सुरेन्द्र काजला ने श्रीराम अस्पताल में ऑपरेशन किया। जांचें पीबीएम अस्पताल से करवाई और कमीशन के चक्कर में एक विवाहिता की जान गई।
यह है पूरा मामला :
सादुल कॉलोनी में धूडी बाई धर्मशाला के पास श्रीराम अस्पताल में विवाहिता की मौत हो गई। परिजनों का आरोप था कि चिकित्सकों की लापरवाही के कारण विवाहिता की मौत हुई है। इस मामले को लेकर मृतक विवाहिता के परिजनों ने सदर पुलिस थाने में श्रीराम अस्पताल के चिकित्सकों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। सदर पुलिस ने श्रीराम अस्पताल के चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। इस मामले की जांच केदार लाल मीणा को दी गई है।
परिवादी अनिल मिढ्ढा निवासी सार्दुल कॉलोनी ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया है कि मेरी पत्नी सीमा जो कि पेट दर्द से ग्रस्ति थी, मैने उपचार हेतु 17 मई 2017 को डॉक्टर आर. के. काजला को उसके निवास पर दिखाने के लिए गया डॉक्टर ने जांच करने के बाद कहा कि आपकी पत्नी हर्निया रोग से ग्रसित है और इसके तुरंत उपचार हेतु दवाई लिखी तथा कहा कि आपकी पत्नी का तुरंत ऑपरेशन करना होगा नहीं रोग बढ़ जायेगा। जिस पर मैने डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाईयां ले आया तथा डॉक्टर द्वारा लिखी गई जांचे पीबीएम अस्पताल से कराई सभी जांच लेकर जब डॉक्टर के पास पहुंचा तो डॉक्टर काजला ने कहा कि आपकी पत्नी के ऑपरेशन कर देते है श्रीराम अस्पताल में मैं खूद कर दूंगा वहां पर सभी सुविधाएं उपलब्ध है, जब मैने पूछा कि कितने रुपये लग जायेगे तो 25000 रुपये बताये आशिक रुप से 15000 रूपये तत्काल घर पर ही ले लिये बाकी ऑपरेशन के बाद लेने के लिए कहा। फिर 20 मई को करीब 10.40 बजे सुबह मेरी पत्नी को मैने श्रीराम अस्पताल में भर्ती कराया जहां पर तीसरी मंजिल पर बेड नंबर 6 अलॉट किया गया।
इसके बाद दोपहर 3 बजे काजला ने ऑपरेशन थियेटर में ऑपरेशन के लिए लेकर गये दो घंटे तक हमें कोई सूचना नहीं दी गई। इस बीच 5 बजे डॉक्टर युनुस व डॉक्टर मीरा भी आये और दोनों ऑपरेशन थियेटर में चले गये इसके बाद मुझसे काफी तादाद में दवाईयां मंगवाई गई।
उस दौरान मेरा परिवार भी मौके पर ही था। 7.30 बजे के करीब डॉक्टर काजला ने बताया कि आपकी पत्नी को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया है और वेटीलेटर पर ले लिया गया। उसके बाद काजला ने कुछ अन्य डॉक्टरों ने राय मशवरा के लिए बुला लिया जिनको मै नहीं जानता हूं। रात को करीब डॉक्टर काजला ने बताया कि रोगी की स्थिति नाजूक है इसके लिए इसको पीबीएम के हल्दीराम मूलचंद कार्डियक के हल्दीराम यूनिट में रैफर कर रहा हूं इसके लिए डॉक्टर ने खुद ही एम्बूंलेस को बुला लिया था। रोगी के साथ डॉक्टर युनुस व मीरा भी गई। वहां पहुंचने पर डॉक्टर दिनेश चौधरी व डॉक्टर जयपाल ने मेरी पत्नी की जांच की और उपचार हेतु भर्ती कर लिया साथ में श्रीराम अस्पताल में किये गये उपचार के रिकॉर्ड भे ले लिये।
इस दौरान रात को तीन बजे डॉक्टर काजला अस्पताल आये और नर्सिग स्टाफ से कुछ बात करने लगे करीब 4.20 पर नर्सिग स्टाफ ने मेरी पत्नी की जांच की और मुझे बाहर भेज दिया और दस मिनट के बाद मुझे आ कर सूचित किया कि आपकी पत्नी की मौत हो गई है। जिस पर पांच बजे पत्नी की बॉडी को मेरे निवास स्थान पर लेकर आ गया। 21 मई को मेरा साला राहुल ऑपरेशन के रिकॉर्ड लेने गया तो वहां पर यह बताया गया कि श्रीराम अस्पताल के डॉक्टर आर.के. कजला ले गये है वो हमारे पास नहीं है।