“बॉर्डर” फिल्म के असली हीरो का निधन, सनी देओल ने किया था इनका रोल

✍परमार डाॅट काॅम:सीवान
🔸🔸🔸🔸🔸
♨ 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान लोंगेवाला पोस्ट पर हुई जंग के हीरो ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी नहीं रहे। वे 77 साल के थे। चांदपुरी ने शनिवार को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनका कैंसर का इलाज चल रहा था। लोंगेवाला में बहादुरी के लिए चांदपुरी को महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था।
सनी देओल ने निभाया था चांदपुरी का किरदार : जेपी दत्ता की फिल्म बॉर्डर लोंगेवाला की लड़ाई पर आधारित थी। इसमें सनी देओल ने चांदपुरी का रोल निभाया था। तब वे मेजर थे। लोंगेवाला में ब्रिगेडियर चांदपुरी ने 90 जवानों के साथ पाकिस्तान के 2000 सैनिकों पर जीत दर्ज की थी।
कुलदीप सिंह का जन्म 22 नवंबर 1940 को अविभाजित भारत के पंजाब क्षेत्र में हुआ था। उसके बाद परिवार पैतृक गांव चांदपुर रुड़की आ गया था, जो पंजाब के बलचौर में है। चांदपुरी माता-पिता की इकलौती संतान थे। उन्होंने 1962 में होशियारपुर कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। इस दौरान एनसीसी के सक्रिय सदस्य भी रहे।
कुलदीप सिंह 1962 में भारतीय सेना में शामिल हुए। उन्होंने चेन्नई के ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी से कमीशन प्राप्त किया और पंजाब रेजीमेंट की 23वीं बटालियन का हिस्सा बने। उन्होंने 1965 और 1971 के युद्ध में भाग लिया। जंग में उनकी वीरता को काफी सराहना मिली। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र के आपातकालीन बल में सालभर तक गाजा में सेवाएं दीं। दो बार मध्यप्रदेश के महू इन्फैंट्री स्कूल में इन्स्ट्रक्टर भी रहे।
1971 की लड़ाई के समय मेजर चांदपुरी को पंजाब रेजीमेंट की 23वीं बटालियन को लीड करने की जिम्मेदारी दी गई। इससे पहले वह 1965 की लड़ाई में भी पाक सेना को धूल चंटा चुके थे। मेजर चांदपुरी के पास सिर्फ 120 लोगों का ट्रूप था तो सामने थे पाक की 51वीं इंफ्रेंटी ब्रिगेड के 2000 से 3000 सैनिक जिसके साथ 22वीं आर्म्ड रेजीमेंट की भी मदद मिल रही थी। पांच दिसंबर 1971 को एकदम तड़के दुश्मन ने भारतीय सेना पर हमला बोल दिया। हालात मुश्किल थे और फिर भी मेजर चांदपुरी को इन हालातों का सामना करना था। पूरी रात उन्होंने 120 लोगों की कंपनी के साथ दुश्मनों का मुकाबला किया।
🔹🔹🔹
👉साभार : दैनिक भास्कर
1971 की जंग में एक सौ भारतीय जवानों के बूते पाक के 2000 सैनिकों को हराने वाले चांदपुरी नहीं रहे




Recent Comments