राजस्थान से कोविंद को 171 और मीरा को 28 विधायकों का समर्थन का दावा
आज़ाद नेब एडिटर दैनिक खोज खबर राजस्थान 
जयपुर 17 जुलाई। राजस्थान विधानसभा में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान ठीक सुबह 10 बजे शुरू हो गया। पहला मत सवायत्त शासन मंत्री श्रीचन्द कृपलानी तथा दूसरा मत कांग्रेस के गोविन्द सिंह डोटासरा ने डाला। एक घंटे के दौरान कांग्रेंस के 21 एवं भाजपा के 19 विधायकों ने अपने मत का उपयोग किया। 
मतदान प्रक्रिया शाम पांच बजे तक चलेगी। विधानसभा के 200 सदस्यों में से 199 ही यहां मतदान करेंगे तथा कांग्रेस के अशोक गहलोत अपना मत गुजरात में डालेंगे। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद तथा मीरा कुमार के भाग्य का फैसला 20 जुलाई को होगा। 
*मतदान में हमारे माननीयों की अहम भूमिका*
देश के नए राष्ट्रपति के चुनाव के लिए विभिन्न राज्यों के साथ प्रदेश के विधायक विधानसभा में वोट डाल रहे हैं। जयपुर में 199 विधायक मतदान करेंगे। अशोक गहलोत गुजरात में अपना वोट डालेंगे। 
सुबह 11 बजे तक मुख्यमंत्री, गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, कांग्रेस विधायक दल के सचतेक गोविंद सिंह डोटासरा सहित 72 विधायक वोट डाल चुके थे। भाजपा की तरफ से पहला वोट नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने और कांग्रेस की तरफ से गोविंद सिंह डोटासरा ने डाला। मत डालने के लिए आए विधायकों की लंबी कतार दिखाई दी।
*परनामी ने किया दावा*
मतदान के दौरान भाजपा अध्यक्ष परनामी ने दावा किया कि राजग के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को प्रदेश से 171 विधायकों का समर्थन है। दूसरी तरफ निर्दलीय विधायक नंदकिशोर मेहरिया ने मीरा कुमार को वोट डालने की जानकारी दी।
*एक मंत्री के साथ पांच विधायक*
भाजपा अपने विधायकों के मतों लेकर पूरी सचेत नजर आई। भाजपा के पांच-पांच विधायकों को एक-एक मंत्री के साथ मतदान के लिए भेजा जा रहा है। मतपत्र पर किसी तरह का निशान नहीं बनाया जाए इस लिए किसी तरह के पैन को साथ नहीं रखने की विधायकों को हिदायत दी गई है। वहीं प्रदेश के सांसद संसद भवन परिसर में मतदान कर रहे है। सांसदों के नाम पर प्रदेश में 35 वोट हैं। 25 लोकसभा और 10 राज्यसभा सदस्य हैं। लोकसभा के सभी सदस्य भाजपा के हैं और राज्यसभा के दस में से आठ भाजपा के हैं। वहीं, कांग्रेस के खाते में मात्र दो ही सांसद है, जो इस समय राज्यसभा में है। 
इससे पहले रविवार को मतदान की प्रक्रिया को लेकर भाजपा ने अपने सभी विधायकों को प्रशिक्षण दिया। संसदीय कार्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने  विधायकों को बताया कि मतपत्र में पहले नंबर पर मीरा कुमार और दूसरे नंबर पर रामनाथ कोविंद का नाम है। मतपत्र पर किसी तरह का निशान नहीं बनाया जाए और उसी पेन का इस्तेमाल करें, जो चुनाव आयोग देगा। खुद के पेन का इस्तेमाल नहीं करें। साथ ही सबको यह भी बताया गया कि सभी विधायक सुबह दस बजे तक विधानसभा में हां पक्ष लॉबी में पहुंच जाएं। भाजपा ने तय किया है कि सभी मंत्री चार से पांच विधायकों को अपने साथ ले जाकर वोट डलवाएंगे, जिससे किसी तरह की परेशानी ना हो। सभी को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वोट दिखाकर नहीं देना है। इसलिए राज्यसभा चुनाव की तरह कोई गलती ना की जाए। सही तरीके से वोट डाला जाए। यह है वोटों का गणित, भाजपा के पास 85 प्रतिशत से ज्यादा वोट
सूत्रों के मुताबिक भाजपा को विश्वास है कि राजस्थान में कोविंद के समर्थन में कम से कम 171 वोट पड़ेंगे। वहीं कांग्रेस को विश्वास है कि मीरा कुमार के पक्ष में 28 वोट डाले जाएंगे। एेसे में एक निर्दलीय के वोट की स्पष्ट स्थिति नहीं है। भाजपा की कोशिश है कि हर हाल में सुबह तक इस संख्या को बढ़ाया जाए। राजपा और जमींदारा पार्टी के छह विधायक और चार निर्दलीय कोविंद को वोट  देने के लिए पहले ही समर्थन दे चुके हैं। उधर, कांग्रेस के पास 24 तो खुद के विधायक हैं, जबकि कांग्रेसी दावा कर रहे हैं कि दो निर्दलीय उनके साथ हैं, जबकि बसपा के दो सदस्य भी यूपीए उम्मीदवार के साथ हैं। जिन 17 दलों ने मीरा कुमार को समर्थन दे रखा है, बसपा इन दलों में शामिल है।
94 प्रतिशत सांसदों के वोट
सांसदों के प्रदेश में 35 वोट है। 25 लोकसभा और 10 राज्यसभा सदस्य हैं। लोकसभा के सभी सदस्य भाजपा के हैं और राज्यसभा के दस में से आठ भाजपा के हैं। एेसे में भाजपा के पास प्रदेश से 94 प्रतिशत सांसदों के वोट हैं। वहीं, कांग्रेस के खाते में मात्र दो ही सांसद है, जो इस समय राज्यसभा में है। सांसद अपना वोट सोमवार को दिल्ली में ही डालेंगे।