बाल विवाह से मना किया तो पंच-पटेलों ने किया समाज से बहिष्कृत 
राकेश फौजदार 
भरतपुर 23 अप्रैल। राजस्थान के करौली में बाल विवाह से मना करने पर पंचायत की तरफ से समाज से बहिष्कृत करने और सरकारी टंकी से पानी नहीं भरने देने का फैसला सुनाए जाने का मामला सामने आया है।पीडि़त परिवार ने इस संबंध में पंच-पटेलों पर आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर मनोज शर्मा को ज्ञापन सौंपा है। मामले को लेकर सपोटरा एसडीएम ने कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस थानाधिकारी को आदेश जारी किए। जिला प्रशासन को सोपे गए ज्ञापन के अनुसार सपोटरा तहसील के लंगेह गांव में कैलाश गुर्जर की 13 वर्षीय पुत्री का विवाह समाज के पंच-पटेलों ने पहाड़पुर निवासी अमर सिंह गुर्जर से तय कर दिया और अक्षय तृतीया को नाबालिग की शादी जबरन करने का पंच-पटेलों द्वारा लगातार दबाब बनाया जा रहा है। नाबालिग के पिता कैलाश गुर्जर ने समाज के पंचों से जब बेटी की शादी करने से मना कर दिया तो पंच-पटेलो ने बैठक बुलाकर कैलाश गुर्जर के परिवार को समाज से बहिष्कृत करने के अलावा गांव की सरकारी टंकी से पानी नहीं भरने देने का फरमान सुना दिया। पीडि़त परिवार के करौली जिला कलेक्टर मनोज शर्मा से मुलाकात के बाद प्रशासन हरकत में आया और सपोटरा एसडीएम को मामले में जांच के निर्देश दिए। एसडीएम ने आदेशों के पालन में तुरंत लंगेह थानाधिकारी को नाबालिग की शादी रुकवाने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के आदेश जारी किए।