छपरा । शारीरिक शिक्षा स्वास्थ्य अनुदेशक संघ सारण के मीडिया प्रभारी त्र्यंबक पांडेय गांधी ने सोमवार को बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से मुलाकात कर शारीरिक शिक्षा स्वास्थ्य अनुदेशकों की वेतन विसंगति दूर करने और सेवा को पूर्णकालिक करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। मीडिया प्रभारी ने कहा कि विभागीय पत्रों में अनुदेशकों की सेवा को अंशकालिक बताया गया है, जबकि सरकार की ओर से उन्हें चुनाव ड्यूटी, तरंग प्रतियोगिता, जातिगत गणना, मकान गणना, होमगार्ड बहाली सहित विभिन्न कार्यों में जिम्मेदारी दी जाती रही है। वर्तमान में मशाल प्रतियोगिता-2026 के आयोजन को सफल बनाने के लिए पूरे बिहार में करीब 300 शारीरिक शिक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें 200 से अधिक शारीरिक शिक्षा स्वास्थ्य अनुदेशक शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सेवा को अंशकालिक बताते हुए भी अनुदेशक विद्यालयों में विद्यार्थियों के शारीरिक और खेल संबंधी विकास के लिए पूरी जिम्मेदारी से कार्य कर रहे हैं। सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए अनुदेशक अपनी पूरी क्षमता से योगदान दे रहे हैं। गांधी ने कहा कि कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए खेल संबंधी पुस्तकें भी उपलब्ध कराई गई हैं। जिन विद्यालयों में शारीरिक शिक्षक या शारीरिक शिक्षा स्वास्थ्य अनुदेशक हैं, वहां इन पुस्तकों का उपयोग विद्यार्थियों को पढ़ाने में किया जा रहा है। वहीं, जिन विद्यालयों में संबंधित शिक्षक नहीं हैं, वहां लाखों-करोड़ों रुपये की खेल सामग्री का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है और वह अलमारी में बंद पड़ी रहती है।
उन्होंने शिक्षा मंत्री से मांग की कि शारीरिक शिक्षा स्वास्थ्य अनुदेशकों की सेवा को पूर्णकालिक किया जाए, वेतन विसंगति दूर की जाए और उन्हें उनके कार्य के अनुरूप सम्मानजनक वेतन एवं सेवा शर्तों का लाभ दिया जाए। मुलाकात के दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि सम्राट चौधरी की सरकार में सभी वर्गों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। आप लोगों का काम भी होगा। धैर्य रखने की जरूरत है और आप लोग मन लगाकर अपना कार्य करते रहें।