👈तौकीर रज़ा”दैनिक खोज खबर”कोढ़ा (कटिहार)👉
कोढ़ा प्रखंड के मधुरा पंचायत का एक मामला इन दिनों प्रकाश में आया है। यहाँ के तकरीबन सैकड़ों बृद्ध महिला एंव पुरुष इन दिनों अपनी पेंशन पाने हेतू काफी परेशान नजर आ रहे हैं। गौरतलब हो की केंद्र और राज्य सरकार आए दिन तरह तरह की नई योजना चालू करने के पीछे लगे हुए हैं, मगर आम लोगों तक बहुत कम ही पहुँच पा रही है। यह एक गंभीर समस्या है। मगर जब हम बात करें बृद्धवस्था पेंशन योजना की यह पेंशन योजना की राशि समाज के बेसहारा, निसहाय, कमजोर, बृद्ध, समाज के सबसे नीचे तबके के व्यक्तियों को लाभ दी जाती है। आए दिन पेंशन योजना एक बड़ी समस्या बनती नजर आ रही है। पहले पेंशन योजना का लाभ पंचायत में शिविर आयोजित कर राशि का वितरण किया जाता था जो आसानी से बृद्ध लोगों को प्राप्त हो जाया कर ती थी।

पंचायत के मुखिया और पंचायत सचिव अपनी कीमती समय देकर लाभार्थी के बीच पेंशन वितरण किया करते थे, जो बहुत बड़ी उपलब्धि थी। मगर समय के साथ-साथ सरकार की दिशा निर्देश भी बदल गई कि अब पेंशन योजना की राशि नगद में नही देकर सीधे लाभुक के बैंक खाते में दिया जायेगा। जब से यह से यह नियम लागु हुआ है बृद्ध लोगों की आए दिन तरह-तरह की परेशानी बढ़ गई। रोजाना बैंक और पंचायत का चक्कर लगाना दर-दर की ठोकरें खाना रोजमर्रा का दस्तूर बन चूका है। यहाँ के दर्जनों बृद्ध लाभुकों ने बताया कि सरकार पहले हमलोगों पर बहुत मेहरबान था। क्योंकि हम लोगों को पेंशन की राशि मुखिया और पंचायत सचिव के द्वारा नगद मिल जाता था, दर-दर की ठोकरें नही खानी पड़ती थी। मगर सरकार ने हमलोगों की परेशानी बढ़ा दी गई है। किसी को पेंशन की राशि तीन बार मिल गई है। किसी को एक बार भी नही।
आखिर यह कहाँ की सुस्त रवैया है। किसी लाभार्थी को बार-बार राशि की भुगतान की जा रही है। मगर किसी लाभार्थी को एक बार भी राशि नही मिल पा रही है। आप को बताते चलूँ की जब लाभार्थी को पेंशन नही मिल रहे हैं तो शिकायत को लेकर आए दिन पंचायत के मुखिया और पंचायत सचिव के पास आते हैं। लाभार्थी को यह कह कर भरोसा दिलाया जाता है कि अब यह राशि पंचायत या प्रखंड या जिला से नही दिया जाता है बल्कि सीधे पटना से लाभार्थी के बैंक खाते में दिया जाता है। हम लोगों का पंचायत से जितना काम था वह पंचायत कर्मी के द्वारा प्रखंड कार्यालय को भेज दिया गया है। मगर आप लोग बस इंतजार कीजिये कुछ दिनों में सभी को राशि प्राप्त हो जायेगी। जब इन सभी मामलों का पता लगाने पंचायत के मुखिया और पंचायत सचिव से पूछा गया कि आखिर क्या कारण है जो लाभार्थी पेंशन पाने से वंचित है तो जवाब मिला की यह हमलोगों का मामला नही है। बल्कि सरकार और सरकार के विभाग जिम्मेदार है। आखिर कब तक यहाँ के लाभार्थी दर दर की ठोकरें खाता रहेगा। यह सवाल है यहाँ के बृद्ध लोगों का।
सरकार और जिला के आला अधिकारी इस ओर ध्यान आकर्षित करें ताकि गरीब को अविलंब पेंशन की राशि मिल सके और गरीब बृद्ध की मिलने वाली राशि सहारा बन सके।
कटिहार:हुजूर कुछ तो दया कीजिये,बृद्ध व्यक्ति भटक रहे हैं पेंशन पाने की खातिर




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