मांझी (सारन)। एक तरफ कोरोना को लेकर पूरे दुनिया मे हाहाकार मचा है वही दूसरी तरफ इस वायरस से लड़ने के लिये कोई यंत्र नही है । माँझी पीएचसी द्वारा चलाया जा रहा अभियान मात्र दिखावा है। स्वास्थ जांच के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति की जा रही है। अगर विभागीय लोगों का कहना माना जाय तो कोई भी व्यक्ति कहीं जाने का नाम नही ले रहा है बड़े लोग छोटे कर्मियों को जांच के लिए विवश कर रहे हैं। पीएचसी में बना कंट्रोल रूम में सूचना देने पर पहले तो मोबाइल नही उठाया जाता अगर उठ गया तो नाम पता लिख कर खाना पूर्ति कर लिया जाता है। जांच टीम का इंतजार करने के बाद लोग खुद प्रवासी को लेकर पीएचसी पहुँच जाते हैं। जहाँ कंट्रोल रूम में बैठे कर्मी द्वारा नाम पता उम्र लिखने के बाद कोई तकलीफ होने की बात पूछी जाती है। फिर उसे घर जाने की सलाह दे दी जाती है। हां एक बात अवश्य कहि जाती है कि घर मे ही रहना है। इस सम्बंध में पूछे जाने पर एक महिला कर्मी ने अपना नाम नही छापने का आग्रह करते हुये बताया कि विभाग द्वारा एक भी व्यक्ति को न तो मास्क दिया गया है और न ही ग्लोब्स। यहाँ के कर्मी तो खुद सुरक्षित नही हैं न कोई समान है तो जांच एक छलावा दिखावा नही तो और क्या है।