मांझी(सारण)। यूपी की सीमा में स्थित चांद दीयर पुलिस चौकी से पांच किमी पैदल चलकर जयप्रभा सेतु के सहारे मांझी के बलिया मोड़ पहुंच रहे अप्रवासियों की स्वास्थ्य जांच करा जिला प्रशासन उनके गंतब्य तक पहुंचा रहा है। सारण के डीटीओ द्वारा उपलब्ध कराई जा रही बसों से बिहार के कोने कोने तक पहुंचाए जा रहे हैं अप्रवासी। स्वास्थ्य जांच केंद्र पर जिले के वरीय पदाधिकारियों के साथ साथ मांझी के बीडीओ नील कमल सीओ दिलीप कुमार थानाध्यक्ष नीरज मिश्रा तथा चिकित्सा प्रभारी डॉ रोहित कुमार सहित अन्य सभी कर्मचारी व पुलिस कर्मी दिन रात अप्रवासियों की मदद में ततपर हैं।
तपती दोपहरी में भी दुर्गा पुर के युवक अप्रवासियों की मदद में पूरी तन्मयता से जुटे हुए है। सामाजिक कार्यकर्ता मिथिलेश कुमार सिंह तथा सोनू सिंह के नेतृत्व में स्थानीय ।अनुभव जिंदगी का। सोशल मीडिया ग्रुप के बैनर तले ये युवा बाहर से आने वाले परेशान अप्रवासियों को आर ओ का शुद्ध पानी तथा खिचड़ी उपलब्ध करा रहे हैं। स्थानीय पुलिस भी इस पुनीत कार्य में मदद कर रही है।


उप्र सरकार द्वारा दूसरे राज्यों के लोगों के प्रवेश पर पावंदी लगा दिए जाने के बाद अब अप्रवासियों का आना कम हो गया है। उधर प्रशासन द्वारा एहतियात बरतने को लेकर बरती जा रही सख्ती के कारण सड़कें सुनी व वीरान पड़ी हुई हैं।
यूपी प्रशासन की सख्ती के कारण खाद्य सामग्री तथा दूध व सब्जी का बिहार आना बंद हो गया है जिसके चलते इन सामग्रियों की कीमतें आसमान छू रही हैं। मालूम हो कि स्थानीय दुकानदार छपरा शहर के थोक दुकानों के अलावा सीमावर्ती बलिया जिले के बैरिया तथा रानीगंज से खरीददारी करते हैं। लेकिन लॉक डाउन के बाद से बलिया प्रशासन ने बिहार के ब्यवसाइयों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। जिससे खासकर सब्जी व दूध की कीमतें उछाल मार रही हैं। इधर स्थानीय ब्यवसाई लगातार सारण जिला प्रशासन से अनुरोध कर रहे हैं कि यूपी में प्रवेश की बंदिश हटाने की पहल करें। ताकि खाद्य सामग्री की आवग शुरू की जा सके।
कैसे होगी कटनी व दंवनी किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। ट्रैक्टर थ्रेशर द्वारा होने वाले कृषि कार्य प्रभावित न हो इसके लिए किसान पदाधिकारियों से अनवरत गुहार लगा रहे हैं। इन किसानों के साथ साथ पशु पालक पशु चारा के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं।