*सीवान : जिसने भी किया चीनी मिल की नीलामी का विरोध उसी पर हुवा रंगदारी का मुकदमा*
✍रविंद्र कुमार गुप्ता
दारौंदा/सीवान : पटेल चेतना मंच की एक आपात बैठक पचरुखी प्रखंड के बड़कागांव बाजार पर की गयी।जिसमें पचरुखी चीनी मिल की जमीन बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष सह बड़हरिया विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी उमेश कुमार पर भू-माफियाओं के इशारे पर हुए हमले की कठोर निंदा की गयी।बैठक में स्थानीय समाजसेवी उमेश सिंह पटेल ने कहा कि और तो और जब इस हमले की सूचना उमेश कुमार ने पचरुखी थानाध्यक्ष को दी तो भू-माफियाओं ने इनके ही ऊपर रंगदारी का मुकदमा कर दिया।पुलिस के रवैये की आलोचना करते हुए श्री पटेल ने कहा कि चीनी मिल की जमीन की नीलामी का विरोध आज से नहीं हो रहा है।इनके ऊपर हमले के बाद रंगदारी का मुकदमा दर्ज करने में पुलिस ने जो तेजी दिखाई है।उससे पुलिस की निष्पक्षता पर संदेह प्रकट होता है।पूर्व में विधायक श्याम बहादुर सिंह ने भी चीनी मिल की नीलामी का विरोध किया था।विरोध करने के कारण विधायक पर भी मुकदमा हुआ।
वहीं जयप्रकाश सिंह ने कहा कि भू-माफिया लोगों को मुकदमा ,हमला आदि से डराकर अपना रास्ता साफ करना चाहते हैं।जो कि पटेल समाज होने नहीं देगा।
मामले की निंदा करते हुए राकेश सिंह ने बताया कि इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।आखिर क्या कारण है कि रंगदारी का मुकदमा इधर हुआ है।वह भी उमेश कुमार द्वारा मारपीट और धमकी के आवेदन देने के बाद।वहीं भूपेश कुमार ने कहा कि अगर पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं करती है।तो हमलोग संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार से मिलकर अपनी बात रखेंगे।
कुमार विपेन्द्र ने एक अखबार के संवाददाता की आलोचना करते हुए कहा कि वह मामले के सही तथ्य को ना रखकर जातीयता के आधार पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं।मौके पर जितेंद्र कुमार,मंटू सिंह पटेल,अमरेश सिंह,राजिंद्र सिंह,जगरनाथ सिंह,पपू पटेल,सोनू पटेल,दीनानाथ सिंह पटेल,प्रभावित देवी,समेत दर्जनों लोग मौजूद थे।





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