☀मास्क को अनिवार्य रूप से पहनें और एक-दूसरे से मिलते वक्त दो गज की दूरी रखें।
☀ यत्र-तत्र ना थूकें, अनावश्यक रूप से किसी चीज को छूने से बचें

✍️परमार मीडिया नेटवर्क
सीतामढ़ी/09 अक्टूबर:एक सप्ताह बाद नवरात्र शुरू हो जाएगा। कोरोना काल में जान भी जरूरी है और अनुष्ठान भी। इसलिए सतर्कता बरतना बहुत आवश्यक है। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुरेंद्र कुमार चौधरी का कहना है कि स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से घर पर ही अनुष्ठान संपन्न करना बेहतर होगा। पर्व के मौके पर बाजारों सहित सार्वजनिक स्थानों पर चहल-पहल बढ़ेगी। ऐसे में सतर्क रहकर ही कोरोना से बचा जा सकता है। कोविड 19 प्रबंधन के चार सूत्र हर किसी को अपने व्यवहार में लाना जरूरी है। सबसे पहला यह कि मास्क को अनिवार्य रूप से पहनना है। एक-दूसरे से मिलते वक्त दो गज की दूरी जरूरी हो। पर्व-त्यौहारों के कारण ज्यादा लोग दुकानों पर खरीदारी करने आएंगे। ऐसे में दुकानदारों को ग्राहक के साथ निश्चित दूरी रखते हुए सामान देना और कोरोना संक्रमण ना फैले, इसके लिए लोगों को यत्र-तत्र थूकने से परहेज करना। इसके अलावा अनावश्यक रूप से किसी चीज को छूने से बचना। दिन में कई बार अच्छी तरह से साबुन से हाथों को धोते रहना।
👉नवरात्र में गर्म पानी के साथ नींबू लेना सेहत के लिए फायदेमंद :
डॉ चौधरी ने बताया कि नवरात्र में उपवास के दौरान गर्म पानी के साथ नींबू का सेवन कोरोना काल में सेहत के लिए जरूरी है। ठंडी तासीर वाले फलों का सेवन करना सही नहीं रहेगा। उन्होंने बताया फलों को बिना सैनिटाइज किए इस्तेमाल न करें। घर में जो खाने वाला सोडा होता है, उसे पानी में रख दें। 4 से 5 घंटा उस पानी में रखने के बाद उस फल का इस्तेमाल आपके लिए सुरक्षित होगा। बाहर से जब घर आएं तो हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं, साथ ही गर्म पानी का भाप जरूर लेना चाहिए।
👉टला नहीं है खतरा, सावधानी ही है समाधान :
डॉ चौधरी ने बताया कि अब पोस्ट कोविड के मामले आने लगे हैं। इनमें ज्यादातर ऐसे लोग हैं, जो मधुमेह के मरीज हैं। कोरोना संक्रमण के कारण ऐसे व्यक्तियों के हार्ट और किडनी प्रभावित हो जाते हैं। दूसरी अहम बात यह कि डब्ल्यूएचओ के मुताबिक कोरोना संक्रमण के बाद जो एंटी बॉडी बनती है, वह दो-से ढाई महीने बाद खत्म हो जाती है। इसके बाद पोस्ट कोविड के मामले आने लगते हैं। साथ ही उन्होंने बताया, जाड़े में कोरोना के पिक पकड़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में सतर्कता को अपने व्यवहार में उतार कर हम कोरोना को मात दे सकते हैं। जिला प्रशासन की ओर से ‘सजग रहें, सतर्क रहें, परंतु भयभीत न हों’ का जो मंत्र दिया गया है लोग उसका पालन करें। जिला प्रशासन की ओर से लोगों से अपील भी की जा रही है कि जैसे ही कोरोना के लक्षण महसूस हों तो तुरंत अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में संपर्क करें। टॉल फ्री नंबर 1800-345-6631 या जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 06226-250316 या जिला चिकित्सकीय परामर्श केंद्र के नंबर 06226-255106 या व्हाट्सअप नंबर 8544423038 पर सम्पर्क करें।




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