सारण :सुर संग्राम की विजेता श्रद्धा सिंह ने अपने गानों से सबका मन मोहा

छपरा
भोजपुरी लोकगीतों से अपनी पहचान बनाने वाली श्रद्धा ने छपरा प्रवास के दौरान शहर के जाने माने कोचिंग इंस्पेरेसन क्लासेज और सक्सेस पॉइंट के संचालक नीरज कुमार और मनंजय कुँवर के कोचिंग में सैकड़ो छात्रों को अपने भोजपुरी लोकगीत सुना कर मन मोह लिया ।
11 वर्षीय श्रद्धा सिंह ने कहा कि उन्हें भोजपुरी गानों में फैले अश्लीलता से काफी नफरत है उन्होंने भविष्य में अश्लील भोजपुरी गीत नही गाने का संकल्प लिया है श्रद्धा के गले मे जादू सा है जो भी श्रद्धा के गानो को सुनता है इनके गाने का दीवाना हो जाता है ।

श्रद्धा की सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये पांच भाषा मे गाना गाती है ।
वाही आज के इस कार्यक्रम में उपस्थित नीरज जी एवम मनंजय कुँवर ने इन्हें अपने कोचिंग के तरफ से सम्मानित करते हुए कहा कि हम सभी को ऐसे बच्ची पर काफी गर्व है और आने वाले समय मे भोजपुरी फिर से अपने अस्तित्व में आएगी जब श्रद्धा जैसे गायिका आगे आएंगी ।

वही श्रद्धा के पिता जो भोजपुरी भाषा को आठवी अनुसूची में शामिल करने के लिए दिनरात प्रयासरत रहते है ।

वही गायिका चंदन तिवारी को अपना आदर्श मानते हुए भरत शर्मा शैलेन्द्र को अच्छा गायक बताया भोजपुरी के फूहड़ गीतों से अपने को दूर रखने वाली श्रद्धा ने भोजपुरी को अपना मान सम्मान वापस दिलाने के लिए अपने पिता का सहयोग भी करती है।




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