सारण :बतकही सह काव्य संगोष्ठी का हुआ आयोजन

छपरा :
रविवार को सारण जिला परिषद सभागार में पंचमेल संस्था द्वारा डॉक्टर प्रभुनाथ सिंह का भोजपुरी भाषा साहित्य और आंदोलन में योगदान विषय पर अखिल भारतीय बतकही सह काव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में डॉक्टर प्रभुनाथ सिंह का एक लोकभाषा भोजपुरी का विभिन्न विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में शामिल करने में भूमिका भोजपुरी को आज स्थानीयता से वैश्विक उधार देने में भूमिका भाषा का संवैधानिक मान्यता आंदोलन और साहित्य प्रचार में उनकी भूमिका भाषा और राजनीति भोजपुरी के संदर्भ में उसे कालखंड में भाषा आंदोलन की परिस्थितियां आदि बिंदुओं पर विस्तार से विद्वानों ने चर्चा की और उनके अमूल्य योगदान को स्मरण किया। बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के विभागाध्यक्ष के भाषा आंदोलन और विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम में भोजपुरी के शामिल किए जाने की व्यवस्था का सविस्तार वर्णन किया। मुजफ्फरपुर से आए डॉक्टर बृजभूषण मिश्रा ने उनके द्वारा लिखे गए साहित्य की विस्तार से चर्चा की ।

वही वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय,आरा से आए भोजपुरी तथा हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर नीरज सिंह ने कहा कि डॉ प्रभुनाथ सिंह के साहित्य की विलक्षण विशेषताओं में उनकी पठनियता है ।उन्होंने कहा कि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय,आरा में उनके द्वारा लिखी गई पुस्तकें पाठ्यक्रम का हिस्सा है ।आगत अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रवेश प्रोफेसर पृथ्वीराज सिंह द्वारा किया गया वह डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह द्वारा मंच संचालन किया गया वही अन्य उपस्थित व्यक्तियों में विश्वनाथ शर्मा ओमप्रकाश राजापुरी,डॉक्टर पी एन सिंह महाविद्यालय के सचिव पशुपति सिंह, प्रोफेसर मनोज सिंह आदि थे । कार्यक्रम के दूसरे सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया । जिसमे सारण जिला के साथ गोपालगंज,आरा व बलिया के भी कवि अपना काव्य पाठ किए । आरंभ मां सरस्वती की वंदना से कवि रवि भुषण हँसमुख ने किया।युवा कवि प्रिंस अभिषेक ने अपनी कविता के माध्यम से वर्तमान समाज पर प्रहार किया वही कवि गणपति सिंह, मोहित जी, प्रो. शकिल अनवर, शंकर शरण,कुमार चंदन, निखिल कुमार सिंह, प्रीतम पाण्डेय निराला, अशोक तिवारी बलिया से, संजय सिंह साहित्यकार सिवान, सुभाष पाण्डेय गायक व कवि गोपालगंज, मुजफ्फरपुर के कवि ब्रजभुषण मिश्र, जयकान्त सिंह जय व छपरा के कवि दक्ष निरंजन शंभू आदि ने बेहतरीन कविताएँ व गज़ले प्रस्तुत कर दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सारण :बतकही सह काव्य संगोष्ठी का हुआ आयोजन




Recent Comments