सारण :जगत में कोई छोटा या बड़ा नही है,हम सभी ब्रम्ह के आत्मा है:गोविन्द जी महाराज
#सुरभि तिवारी
तरैया।02.04.2018
जगत में कोई छोटा या बड़ा नही है हम सभी ब्रम्ह के आत्मा है।कोई भी घृणा के पात्र नही है या कोई निंदनीय नही है।उक्त बातें वाईडीबीएस कॉलेज परिसर आयोजित संगीतमय भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचन गोविन्द जी महाराज ने भागवत कथा के दौरान कहा।करोड़ो जन्मों का उदय हो तो भागवत कथा सुनने का मौका मिलता है।उसी का जीवन सार्थक होता है।जो अपने जीवन को भगवान की भक्ति में लीन कर देता है।भागवत कथा कलयुग में श्री कृष्ण की प्राप्ती का साधन है।इस कलयुग रूपी भवसागर को पार करने के लिए भागवत कथा नौका है।भागवत कथा द्वारा कलयुग की पाप राशि समाप्त की जाती है।जो भागवत को धारण कर लेता है वह अपने सारे पापों से मुक्त हो जाता है।भक्तियोग और ज्ञान योग के संयोग से अनन्य प्रेम की उत्पत्ति होती है।और अनन्य प्रेम से ही भगवान की प्राप्ति संभव है।भक्ति तीन प्रकार की होती है।सगुन,निर्गुण एवं अनन्य प्रेम रक्षणा भक्ति।सगुन और निर्गुण भक्ति से परे है अनन्य प्रेम रक्षणा भक्ति जिससे परमात्मा की प्राप्ति होती है।सभी वर्णों के लोग परमात्मा के हकदार है।मनुष्य के सभी भूलो को समाप्त करती है भागवत कथा।दूसरे दिन गोविन्द जी महाराज भक्तो के बीच गो कर्ण जी की कथा सुनायी।साधुओं के दर्शन मात्र से ही ब्रम्ह कल्याण होता है।सन्यास में ही सबसे बड़ा सुख है।निर्धन को धर्म नही पहले धन का उपदेश देना चाहिए।कोई किसी जाति में जन्म लेकर महान नही होता है बल्कि मनुष्य अपने कर्म से महान बनता है।कलयुग में श्राद्ध कर्म से मुक्ति नही मिलती कलयुग में भागवत कथा के श्रवण से मुक्ति मिलती है।कथा के पूर्व द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ रालोसपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजबल्ल कुशवाहा ने किया।उक्त मौके पर डॉ त्रिलोकीनाथ सिंह,टुल्लू सिंह, दिनेश प्रसाद,शेर सिंह,गुड्डू सिंह, मंटू सिंह, देवकुमार सिंह, मुखिया प्रतिनिधि ब्रज किशोर शर्मा व अन्य मौजूद थे।