सारण के जैनेन्द्र दोस्त को भिखारी ठाकुर अंतरराष्ट्रीय सम्मान 2018

छपरा (सारण) : जिले के मढ़ौरा निवासी जैनेन्द्र दोस्त को राजधानी दिल्ली “भिखारी ठाकुर अंतरराष्ट्रीय सम्मान 2018″ से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उन्हें अखिल भोजपुरी लेखक संघ, डिफेंडर ऑफ फ्रीडम एवं जन मीडिया की तरफ से मिला है.
मढ़ौरा प्रखंड के रामचक गांव निवासी चन्द्रिका दोस्त के छोटे पुत्र जैनेन्द्र ने बीते कई वर्षों से भिखारी ठाकुर की रचनाओं पर रिसर्च कर रहे हैं. साथ ही उनकी कृतियों को देश और विदेश में भी जीवंत किया है.
कई वर्षों से फ़िल्म, रंगमंच, शोध और अध्यापन के जरिए भिखारी ठाकुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने का कार्य किया है. जिसके फलस्वरूप उन्हें इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. भिखारी ठाकुर को लेकर इन्होंने 2010 से कार्य करना शुरू किया.
इससे पहले उन्होने रंगमंच की शुरुआत अपने गांव स्कूल से ही किया. बड़े भाई धर्मेन्द्र दोस्त, रत्नेन्द्र दोस्त एवं समरेंद्र दोस्त के निर्देशन में गंवई रंगमंच से आगे बढ़े एवं मढ़ौरा इप्टा से होते हुए 2006 में दिल्ली के राष्ट्रीय रंगमंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराया.
कई वर्षों से फ़िल्म, रंगमंच, शोध और अध्यापन के जरिए भिखारी ठाकुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने का कार्य किया है. जिसके फलस्वरूप उन्हें इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है.
इस उपलब्धि पर जैनेन्द्र दोस्त ने कहा कि आज का दिन बेहद खास है,”धन्यवाद भिखारी बाबा. आपने सही कहा था कि आपके साथ ईमानदारी से काम करने वाले का देश-दुनिया में खूब नाम होता है”
जैनेन्द्र बताते हैं कि छपरा में भिखारी ठाकुर के नाम से संगीत, नृत्य एवं नाट्य विद्यालय खोलने का उनका सपना है. वो इसपर तेजी से कार्य कर रहे हैं.
#इन्हें भी मिला भिखारी ठाकुर सम्मान:
शिल्पी गुकटी को गैर भोजपुरिया होते हुए भी भोजपुरी में भिखारी ठाकुर पर फ़िल्म निर्माण के लिए-“भिखारी ठाकुर अंतरसंस्कृति सम्मान – 2018” मिला.
डॉ विनय कुमार, उपप्रबंधक, राजभाषा, एमएमटीटी को भिखारी ठाकुर के साहित्य के प्रसारित करने के लिए-
“भिखारी ठाकुर साहित्य सेवी सम्मान – 2018”
संजय ऋतुराज जी को भोजपुरी सिनेमा तथा रंगमंच में एक सशक्त निर्देशन के लिए- “भिखारी ठाकुर बिदेसिया सम्मान – 2018” से सम्मानित किया गया है.
#इनपुट -मनोरंजन पाठक /छपरा :




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