सांसद रुडी के प्रयास से आठ वर्षो बाद महाराजगंज बीएसएनएल एक्सचेंज को मिला बिजली कनेक्शन
• श्री रुडी ने एनबीपीडीसीएल के अध्यक्ष प्रत्यय अमृत से मिल विवाद किया समाप्त
सारण, 11 सितम्बर, 2018 । आम जन की व्यक्तिगत समस्याओं को निराकरण करने के प्रति सजग रहने वाले सारण लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजीव प्रताप रुडी सामाजिक प्रगति और सामुहिक विकास कार्य के प्रति भी उतने ही संवेदनशील है। सारण में बिजली की निर्बाध आपूर्ति और यातायात परिवहन की उत्तम व्यवस्था इसकी मिसाल है। अब इसी कड़ी में सांसद ने जिले मे आधुनिक संचार सेवा उलब्ध कराने का बीड़ा उठाया है।

श्री रुडी ने भारत संचार निगम की स्थानीय एक्सचेंज कार्यालय में विद्युत आपूर्ति सूचारू करा कर इसकी शुरूआत कर दी है। सांसद की पहल पर दूरसंचार विभाग ने छपरा में इण्टरनेट की गति को बढ़ाने और आधुनिक तकनीक से इण्टरनेट सेवा उपलब्ध कराने के लिए भूमिगत ऑप्टीकल फाईबर केबल (OFC) के द्वारा नेटवर्क का जाल बिछाने की तैयारी कर ली है। विदित हो कि बीएसएनएल के महाराजगंज एक्सचेंज कार्यालय में सन 2010 से साठ लाख के विद्युत विपत्र भूगतान के अभाव में उत्तर बिहार पावर वितरण कंपनी (NBPDCL) ने विद्युत आपूर्ति विच्छेद कर दिया था। इसके कारण स्थानीय स्तर पर संचार सेवा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। सांसद श्री रुडी ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए विद्युत बोर्ड के अध्यक्ष प्रत्यय अमृत से बातचीत की और विपत्र का आधा हिस्सा 35 लाख रुपये तत्काल भुगतान करवाकर विद्युत आपूर्ति पुनः शुरू करवाया।

मालूम हो कि श्री रुडी की कुछ दिनों पूर्व बीएसएनल के महाराजगंज एक्सचेंज के महाप्रबंधक अष्टभुजा प्रसाद श्रीवास्तव के साथ बैठक हुई थी। बैठक के दौरान उप महाप्रबंधक ने बताया कि भारत संचार निगम के ऑप्टीकल फाईबर के माध्यम से चलने वाला इण्टरनेट की गति तुलनात्मक रूप से अन्य कंपनियों के इण्टरनेट की गति से तीव्र और गुणवत्तापूर्ण है। पर इसके कार्यान्वयन में कई दिक्कतें आ रही है जिसमें प्रमुख रूप से एक्सचेंज को विद्युत आपूर्ति न होना है। महाप्रबंधक ने बताया कि एक्सचेंज को संचालित रखने के लिए डीजल चालित जनरेटर का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे बीएसएनएल को आर्थिक क्षति उठाना पड़ रहा है । इसके पश्चात सांसद ने न केवल श्री प्रत्यय अमृत से बात कर एक्सचेंज के विवाद का समाधान कराया बल्कि आधा भुगतान कराकर विद्युत आपूर्ति भी सुचारु करवाई।
उल्लेखनीय हो कि बीएसएनएल का महाराजगंज टेलीफोन एक्सचेंज व्यस्त टेलीफोन एक्सचेंजों में से एक है। यहां एनबीपीडीसीएल के द्वारा विद्युत आपूर्ति की जाती थी। 2010 में, एक्सचेंज का बिजली कनेक्शन एनबीपीडीसीएल द्वारा 6 लाख रुपये के विवादित बिल के कारण विच्छेद कर दिया गया था। नतीजतन, एक्सचेंज को डीजल द्वारा संचालित किया जाता था जिसने बीएसएनएल को प्रति माह 1.5 लाख के खर्च के साथ आठ वर्षों में (2010-2018) 144 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत आई। जनरेटर द्वारा संचालित एक्सचेंज से स्थानीय स्तर पर बीएसएनएल के दूरसंचार की सेवाओं पर असर पड़ रहा था। इसके मद्देनजर बीएसएनएल के पिछले महाप्रबंधक (छपरा बीएसएनएल) आलोक कुमार द्वारा सारण सांसद श्री रुडी के संज्ञान में लाया गया। सांसद ने मामले का अध्ययन किया है और त्वरित कार्रवाई करते हुए इससे जुड़े सभी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की और शीघ्र इस मुद्दे को हल करने के लिए एनबीपीडीसीएल के अध्यक्ष श्री प्रत्यय अमृत कहा। वार्ता के परिणामस्वरूप, एनबीपीडीसीएल कनेक्शन बहाल करने पर सहमत हो गया और महाराजगंज टेलीफोन एक्सचेंज को बिजली कनेक्शन बहाल कर दिया गया है।