गुठनी(सिवान) : जो भी व्यक्ति मन, वचन और कर्म से हनुमान की पूजा करता है
हनुमान उसके सभी दुखों को हर लेते हैं। यह बातें स्वामी अमरदास महाराज
ने गुठनी के गयासपुर गांव स्थित श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में चल रहे
श्रीविष्णु महायज्ञ में मंगलवार को प्रवचन के दौरान कही।उन्होंने बताया
कि हनुमान ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के दुख को समाप्त करने के लिए
अपने जीवन को न्योछावर कर दिया। एक तरफ विशाल सागर को लांघ गए, वहीं
दूसरी तरफ लंका दहन के समय आग से समस्त लंका को जला दिया। उन्हें भयंकर
राक्षसों की सेना से कोई भय नहीं लगा। हनुमान सतयुग, द्वापर, त्रेता और
कलियुग चारों युगों में जीवित हैं। रामचरित मानस में बताया गया है कि
मां जानकी ने भक्त हनुमान को ऐसा वरदान दिया है कि ‘अजर अमर गुणनिधि सुत
होहुं, करहुं बहुत रघुनयाक छोहू!’ अर्थात हनुमान हमेशा अजर अर्थात
(वृद्धवास्था से रहित) अमर (मृत्यु से मुक्त) गुणनिधि (गुणों के सागर) बन
गए। मौके पर महंत सियराम दास, स्वामी राम प्रिय दास,व्यास, सुग्रीव दास,
रामेश्वर दास, आत्मा दास, अभिराम दास,कमलेश मांझी, घंटी दास, मिंटू
मांझी, गुड्डू राय सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। इस दौरान
हवन, पूजा, आरती व यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने को ले प्रतिदिन सुबह-शाम
श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।