जीरादेई (सिवान) : प्रखंड के भैंसाखाल परिसर में चल रहे शतचंडी महायज्ञ
के चौथे दिन भी पूजा व यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने को ले काफी संख्या में
श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। इस दौरान श्रोताप्रवचन का भी आनंद उठाते
देखे गए।वृंदावन से आई कथावाचक सपना नंदनी ने मंगलवार को प्रवचन के
दौरान कहा कि श्रीकृष्ण ने महिला नेतृत्व को मजबूत किया। उन्होंने बताया
कि कृष्ण ने अपने नेतृत्व को महाभारत की पांच महान नारियों के साथ
बांटा। ये थीं राधा, यशोदा, रुक्मिणी, कुंती और द्रौपदी। कृष्ण ने
महाभारत के पात्रों की तमाम महिलाओं को नेतृत्व करने का अवसर दिया है तथा
महिला सशक्तीकरण का कोई वास्तविक जनक है तो वह भगवान श्रीकृष्ण। उन्होंने
बताया कि कृष्ण प्रकृति प्रेमी थे, उनका जीवन दर्शन अनेक बुराईयों व
बीमारियों से लड़ने का सीख देता है तथा कोरोना हो या कोई असाध्य बीमारी
इनके बताए रास्ते पर चलने से स्वतः समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने भक्तों
से कोरोना जैसे महामारी से लड़ने का संदेश दिया तथा सबको संयमित जीवन
जीने, सात्विक आहार लेने व सफाई पर ध्यान देने का सुझाव दिया। इस मौके
संत श्याम सुंदर दास आचार्य लक्ष्मीनिधि, सुधीर मिश्रा, रजनीश मिश्रा,
कमलेश ओझा, अनुज पांडेय, अनूप पांडेय, सुग्रीव पांडेय, नितेश दुबे, रजनीश
दुबे, मुकेश तिवारी, मुख्य यजमान शुभनाथ मिश्रा, ई. हरिनारायण चौबे,
मुखिया सुभाष शर्मा,विनय सिंह, मंजेश कुमार, अवधेश सिंह, अनिल सिंह,विनोद
सिंह, उपेंद्र कुमार आदि उपस्थित थे




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