
शादी समारोह में शामिल होने आए बंगलुरू के वृद्ध की गला दबाकर सारण के एकमा में हत्या
#अपने किराएदार के भाई की शादी समारोह में शामिल होने आया था वृद्ध मकान मालिक,
#महंगे स्वर्ण आभूषणों की लालच में दो ग्रामीणों ने दिया वारदात को अंजाम,
-#दोनों हत्या आरोपी भेजे गए जेल
रिपोर्ट : के. के. सेंगर,एकमा (सारण) : एकमा थाना क्षेत्र के फुचटी कलां गांव में कर्नाटका से अपने किराएदार के भाई के शादी समारोह में शामिल होने आए एक वृद्ध मकान मालिक को शरीर पर पहने महंगे स्वर्णाभूषणों के चलते जान गंवाने का मामला सामने आया है।मृतक मकान मालिक लक्ष्मी नारायण स्वामी (55) मुहल्ला सिगलपलिया पोस्ट उड़ी थाना महादेवपुरा जिला बंगलुरु (कर्नाटक) का निवासी बताया जा रहा है ।घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि स्थानीय दो ग्रामीणों ने नजदीकी ग्रामीण क्षेत्र की दयालपुर बाजार घुमाने बुधवार की शाम ले गए थे । इसके बाद उसके शरीर पर लदे महंगे आभूषणों की लोभ-लालच के कारण पहले उसे नशापान कराया। उसके बाद दोनों ने मिलकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। देर रात तक वृद्ध के बबलू प्रसाद के फुचटी कलां गांव स्थित घर पर नहीं पहुंचने पर किसी अनहोनी की आशंका से पुलिस को इसकी सूचना दी गई।जानकारी मिलने के बाद पुलिस की ओर से काफी खोजबीन और जांच-पड़ताल के बाद एकमा थाना क्षेत्र के पफुचटी कलां गांव निवासी दो लोग क्रमशः जितेंद्र शर्मा और धर्मेंद्र शर्मा पुलिस के हत्थे चढ़े। पुलिसिंग अंदाज में दोनों लोगों से पेश आने के बाद मामले का राजफाश भी हो गया। इसके बाद दोनों लोगों से आवश्यक पूछताछ के बाद पुलिस ने गुरुवार को दोनों आरोपियों को जेल भेजने की कार्रवाई की।

मामले के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार एकमा थाना क्षेत्र के फुचटी कलां गांव निवासी बबलू प्रसाद कर्नाटका के बंगलुरु शहर में किसी निजी कंपनी में नौकरी करता है। गुरुवार को बबलू के भाई की शादी समारोह में शामिल होने को लेकर उसका मकान मालिक लक्ष्मी नारायण स्वामी (55) निवासी सिगलपलिया पोस्ट उड़ी थाना महादेवपुरा जिला बंगलुरु (कर्नाटक) भी बिहार के सारण जिले के एकमा थाना क्षेत्र के फुचटी कलां गांव आया था।
बबलू के भाई का शादी समारोह गुरुवार को था। ठीक इसके एक दिन पहले बुधवार की शाम को फुचटी कलां गांव के ही निवासी दो लोग कर्नाटका निवासी लक्ष्मी नारायण स्वामी को बाजार घुमाने के बहाने पास के ही सेंदुवार गांव के समीप स्थित दयालपुर बाजार ले गए।
आरोप है कि लक्ष्मी नारायण स्वामी के शरीर पर काफी महंगे स्वर्ण आभूषण देखने के बाद दोनों ग्रामीणों के मन में लोभ-लालच उत्पन्न हो गया। जिसका नतीजा यह हुआ कि पहले दोनों आरोपियों ने लक्ष्मी नारायण स्वामी को नशा पान करा दिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर गला दबाकर लक्ष्मी नारायण स्वामी की हत्या कर दी। फिर लाखों रुपए कीमत की सोने की चैन, ब्रेसलेट, अंगूठी, लॉकेट, मोबाइल आदि को लक्ष्मी नारायण स्वामी के शव से उतार लिए। इसके बाद वारदात को छुपाने की नियत से दोनों ने मृतक के शव को झाड़ियों के बीच छुपा दिया।
बुधवार की देर शाम तक लक्ष्मी नारायण स्वामी के बबलू के घर पर वापसी नहीं हुई। इसके बाद बबलू और उसके घर वालों को की बेचैनी बढ़ गई। काफी खोजबीन और पूछताछ के बाद भी श्री स्वामी के बारे में कोई सुराग नहीं लग सका। इसके बाद बबलू ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस स्पेक्टर बीपी आलोक, थानाध्यक्ष संतोष कुमार सहित पुलिस अवर निरीक्षक विमलेश्वर पांडेय अपने दल बल के साथ गांव पहुंचकर जितेंदर और धर्मेंद्र नमक गांव के ही दो आरोपियों को पकड़ लिया।
इसके बाद पुलिसिया अंदाज में पूछताछ शुरू की। आखिरकार दोनों ने अपना अपराध कबूल कर लिया। दोनों की निशानदेही पर गुरुवार को सेंदुवार गांव के समीप जनता बाजार थाने की सीमा से लक्ष्मी नारायण स्वामी का शव बरामद कर लिया गया। पुलिस ने आवश्यक पूछताछ के बाद शव को पीएम के लिए भेज दिया। इस दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से श्री स्वामी का मोबाइल और सोने का चेन भी बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार अभी और आभूषणों की बरामदगी हेतु आगे भी विभागीय कार्रवाई जारी है।




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