
मांझी(सारण)। मांझी के प्रसिद्ध पुरैना ताल के समीप स्थित एक निजी तालाब के किनारे दस वर्षों पूर्व लगाए गए 27 फलदार व कीमती पेड़ों को शरारती तत्वों ने काट कर नष्ट कर दिया। काटे गए कई पेड़ों पर मंजर लगे हुए थे। फलदार के अलावा महोगनी तथा गमभार आदि के पेड़ शामिल हैं। हरे भरे कटे पेड़ों से ब्यथित भूस्वामी मो यासीन तथा मकसूद आलम तथा अबू बकर उर्फ हलचल ने मांझी थाने में लिखित आवेदन देकर शरारती तत्वों के खिलाफ कानूनी कारवाई की मांग की है।




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