पश्चिम चम्पारण ब्यूरो प्रमुख दुर्गा दत्त पाठक की रिपोर्ट :-
आज दिनांक- 08.04.2017 को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर भारतीय रेड क्रॉस सोसाईटी एवं जिला केन्द्रीय महाराजा पुस्तकालय, बेतिया के संयुक्त तत्वाधान में ‘अवसाद: कारण एवं निवारण’ विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन पुस्तकालय की डिजिटल शाखा में सम्पन्न हुआ। भूतपूर्व सिविल सर्जन डॉ. रामेश्वर प्रसाद ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि मन की एकाग्रता खोना, चिड़चिड़ा हो जाना, नींद न आना, थकान महसूस करना, किसी काम का निर्णय नहीं कर पाना आदि डिप्रेशन के आम लक्षण है। हम अपने को रचनात्मक कार्यों में संलग्न कर, अधिक से अधिक खुश रहने, नियमित व्यायाम करने जैसे उपायों से इस पर नियंत्रण प्राप्त कर सकते है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता एम.जे.के. कॉलेज, बेतिया के मनोविज्ञान की प्राध्यापक डॉ. भामती पांडेय ने कहा कि अवसाद एक मानसिक स्थिति या मानसिक विकार है जिसमें व्यक्ति को उदासी, अकेलापन, निराशा, कम आत्मसम्मान, आत्मप्रतारणा आदि महसूस होता है। इसके संकेत मानसमिति संबंधी मंदता, समाज से कटना, ऐसी स्थितियाँ जिसमें की कम भूख लगना और अत्यधिक या कम  नींद आना में नजर आते हैं। स्वागत भाषण पुस्तकालय के प्रभारी पदाधिकारी यदुनाथ झा ने किया। संचालन रेड क्रॉस के सचिव जगमोहन कुमार व धन्यवादज्ञापन चेयरमैन जगदीश प्रसाद केशान ने किया। कार्यक्रम को डॉ. शमसुल हक़, डॉ. देवीलाल यादव, डॉ. संजय कुमार, आदि ने संबोधित किया। कार्यशाला में प्रभारी पुस्तकाध्यक्ष पं. चतुर्भुज मिश्र, डॉ. हृदयनारायण प्रसाद, डॉ. पारस प्रसाद, डॉ. घनश्याम कुमार, रेड क्रॉस के वाईस-चेयरमैन सैयद अब्दुल मजीद, सुरैया शहाब, सैयद शकील अहमद, नंदकिशोर प्रसाद, लाल बाबु प्रसाद, विनय कुमार, दीपक कु. वर्मा, राजू कुमार राम, इमरान कुरैशी, हाजरा खातून, मितुल, गुलाबशा, प्रिया आदि उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में रेड क्रॉस के आजीवन सदस्यों को सदस्यता प्रमाण-पत्र भी वितरित किया गया।