विद्यालय में जर्जर भवन के साथ कई विषय के शिक्षकों का भी कमी
महुआ(वैशाली)- विद्यालय के जर्जर भवन जहाँ विधार्थियो के लिए खतरनाक साबित हो सकती है, वहीं विद्यालय में कमरे की कमी से शिक्षण कार्य पर बुरा असर पड़ रहा है.महुआ के जहागीरपुर सलखन्नी पंचायत के राजकीय मध्य विद्यालय हरपुर में वर्ग 1 से 8 तक कुल 653 बच्चे नामांकित है, जबकि कुल शिक्षक 8 है.विज्ञान एवं गणित दोनों महत्वपूर्ण बिषयो के शिक्षक नहीं रहने से विधालय में पठन पाठन में विधार्थियो को काफ़ी कठिनाई होती है. विद्यालय के प्रधानाध्यापक गणेश प्रसाद भास्कर बताते है शिक्षको की कमी की वजह से उक्त दोनों बिषय वे खुद पढ़ाते है.विद्यालय के कुल सात कमरों मे से पांच कमरा काफ़ी जर्जर एवं क्षतिग्रस्त है वहीं विद्यालय में शौचालय की भी जर्जर स्थिति है.यहाँ अध्ययन रत कुल 653 बच्चों में 333 आधे से अधिक बच्चिया है जिनके लिए विद्यालय के समय में शौच एक बड़ी समस्या है ,सरकार एक ओर स्वच्छता अभियान चलाकर हर घर शौचालय की बात कर रही है, लेकिन जहां से छात्र छात्राओं को शिक्षा प्राप्त होती हैं वहीं का हालत इस तरह है, उक्त विद्यालय मे शौचालय, पानी सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.प्रधानाध्यापक श्री भास्कर बताते है कि जहाँ लगभग सात सौ बच्चों के लिए एक चापाकल है, वहीं विद्यालय के साथ साथ बचे विद्यालय के भवन का फ्रश भी जर्जर हैं,वही चाहारदिवारी नही होने की वजह से विद्यालय का कोई भी सामान सुरक्षित नही रह पाता.उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य के लिए सरकार के तरफ़ से कोई फंड नहीं है, ऐसी स्थिति मे जर्जर भवन ,टुटे फसॅ एवं शौचालय एवं चापाकल की पर्याप्त व्यवस्था नही हो पातीं.
महत्वपूर्ण बिषयो के नहीं है शिक्षक
राजकीय मध्य विद्यालय हरपुर मे विज्ञान एवं गणित जैसे दो महत्वपूर्ण बिषयो के शिक्षक नहीं रहने से विद्यालय में नामांकित लगभग सात सौ छात्र छात्राओं के पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है वही विद्यालय में शौचालय एवं पेयजल की समस्या भी विद्यमान है जिससे बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है ,