
मांझी(सारण)। बुधवार की शाम कई दिनों का सफर पैदल तय करते हुए अलग-अलग प्रांतों से दो परदेशी मजदूर जयप्रभा सेतु को पार कर17 दिनों में मांझी पहुंचे। जहां पहले उनकी मेडिकल चेक-अप किया गया। उसके बाद भोजन करा कर आराम करने के लिए स्थानीय दलन सिंह उच्च विद्यालय में बने कोरेंटाइन वार्ड में भेज दिया गया। मजदूरों में मध्यप्रदेश से पहुंचा सारण जिला के तरैया का कौशल कुमार महतो व दूसरा महाराष्ट्र से पहुंचा भगलपुर का हरिवंश कुमार चौधरी है। दोनों मजदूरों ने बताया कि वे एक स्टील फैक्ट्री में काम करते थे। लॉक डाउन के कारण उन्हें अपने कमरे में भूखे प्यासे रहना पड़ रहा था। जो पास में रूपये थे खर्च हो गए थे। कमरे का किराया व राशन के पैसे नही थे। कोई सहायता नही मिल रही थी। इस बीच अफवाह उड़ी कि एक ट्रेन बिहार-यूपी के लिए खुल रही है। किसी तरह बाहर निकल गए। फिर पता चला कि कोई ट्रेन नही खुल रही। फिर हम लोग पैदल ही निकल गए। रास्ते जहां कहीं खाना मिल गया तो ठीक नही तो चलते रहे। किसी तरह यहां पहुंचे हैं।




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