
पटना(अनूप नारायण सिंह): कोरोना को लेकर चल रहे लॉक डाउन ने समाज के मिथक को तोड़ा, बदली सदियों की पुरानी परंपरा,मधुबनी जिले के लखनौर प्रखंड के जोरला-बेला गांव में छह संतानों के पिता अशर्फी मंडल उर्फ बौआ मंडल का निधन हो गया। लॉकडाउन में बच्चे घर नहीं आ सके तो उनकी अर्द्धांगिनी कौशल्या देवी अपनी दोनों बहुओं को साथ लेकर पति की अर्थी के साथ निकल पड़ीं। पति को मुखाग्नि दी, समाज ने साथ दिया तो विधि -विधान से पूरा कर्मकांड भी किया। कौशल्या ने कहा कि अग्नि के सात फेरे लेकर जीने -मरने की शपथ ली थी। साथ जी लिए, लेकिन मरी नहीं। खुद को धन्य समझती हूं कि पति को अपने हाथों अंतिम विदाई दे सकी।




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