राज्यस्तरीय दो सदस्यीय टीम ने की वैक्सीन मैनेजमेंट की जांच
· एक सप्ताह तक जांच करेगी राज्यस्तरीय टीम
· पहले दिन रिजनल वैक्सीन स्टोर का लिया जायेजा
· प्रखंड में भी जांच करेगी टीम
· राज्य सरकार को सौंपेगी जांच रिपोर्ट
छपरा। राज्यस्तरीय दो सदस्यीय टीम ने जिले में चल रही टीकाकरण अभियान का मूल्यांकन किया। टीम ने जिला प्रतिरक्षण कार्यालय में रिजनल वैक्सीन स्टोर का जांच किया गया। जिसमें वैक्सीन का रख-रखाव, सही तरीके से रखा गया है या नहीं, उपकरण का रख-रखाव आदि का जांच किया। टीकाकरण अभियान से संबंधित जानकारी ली। राज्य सरकार के निर्देश पर टीम ने सारण जिले का दौरा किया और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच किया। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. वीके चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर यह टीम टीकाकरण से संबंधित एसेसमेंट करने की लिए आयी है। जिले में चल रहे टीकाकारण अभियान का जाचं करेगी। सात दिनों तक यह टीम जिले में रहकर पूरे टीकाकरण मैनेजमेंट की जांच करेगी। पहले दिन टीम ने रिजनल वैक्सीन स्टोर का जांच की है। आज यह टीम जिला अस्पताल में वैक्सीन के रख-रखाव समेत कई बिन्दुओं पर जांच करेगी।
प्रखंडों में भी होगी जांच:
डीआईओ डॉ. वीके चौधरी ने बताया कि दो दिनों तक यह टीम जिला मुख्यालय में जांच करेगी। उसके बाद प्रखंडों में भी जाकर पीएचसी स्तर पर जांच किया जायेगा। जहां पर वैक्सीन के रख-रखाव, क्षमता, स्टोर की स्थिति, कर्मियों की कमी आदि का जांच किया जायेगा। पूरे सात दिनों तक यह एसेसमेंट किया जायेगा।
राज्य सरकार रिपोर्ट देगी टीम:
दो सदस्यीय टीम पूरे जिले में एक सप्ताह तक जांच करने के बाद अपना जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। जांच टीम में दरभंगा मेडिकल कॉलेज के सहायक प्रोफेसर डॉ. विजय कुमार चौधरी, डॉ. एजाज अफजल शामिल है। टीम ने बताया कि जिले में वैक्सीनेशन मैनेजमेंट का जांच किया जा रहा है। टीकाकरण अभियान में क्या-क्या कमियां है। कहां कितना टीकाकरण हुआ। कितने कर्मियों की कमी हैं। इसके इम्प्रूवमेंट के लिये क्या किया जाये। इन सभी बिन्दुओं पर जांच होगी और इसकी जांच रिपोर्ट सीधे राज्य सरकार को सौंपी जायेगी।
निर्धारित फॉर्मेट में दर्ज होगा रिपोर्ट:
टीकाकरण अभियान को सुदृढ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की है। यह जांच अभियान सभी जिलो में चलाया जा रहा है। प्रत्येक टीम में दो सदस्यों को शामिल किया गया। टीम को सरकार की ओर से एक फॉर्मेट उपलब्ध करायी गयी है। जिसमें यह दर्ज है कि किन-किन बिंदुओं पर जांच करना है। निर्धारित फॉर्मेट में हीं जांच रिपोर्ट तैयार करना है।