रंगो का पर्व होली का उत्साह पूरे परवान पर, होली कल

संजय कुमार सुमन 
 सम्पादक@दैनिक खोज खबर 

रंगो का पर्व होली का उत्साह पूरे परवान पर है। लोगों के घर से दुकानों एवं चौक-चैराहों पर होली के गीत ‘होली में दुश्मन भी दोस्त बन गले……….,होली खेले रघुवीरा अवध में………..जैसे एक से बढ़कर एक गीत होली के माहौल को बनाने में कामयाब हो रहे हैं। आगामी शुक्रवार की सुबह होते ही मधेपुरा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रेगों की बौछारें शुरू हो जायेंगी। होली के पर्व को लेकर अभी से लोग पूरी तरह तैयार करने में जुट गये हैं। दूर प्रदेश में रहने वाले लोग होली में अपने घर पहुंचने लगे हैं। अन्य त्योहारों की तरह होली भी एकता और भाईचारो का संदेश लेकर आती हैं।
सब मिलकर खेलेगें होली

हिंदू धर्म का सर्वाधिक लोकप्रिय समझा जाने वाला यह त्योहार धर्म एवं मजहब की दीवार लांघ चुका है। अब यह पर्व सभी धर्म के लोग साथ मिलकर मनातें है। शिक्षक याहिया सिद्दिकी,जिया आलम,समिति शाहजहां,जद यू नेता अबुसालेह सिद्दिकी,मो0 आरिफ आदि बताते हैं कि होली का मतलब बुराई पर अच्छाई की जीत है। अन्य त्योहार की तरह होली भी एकता और भाईचारे का संदेश देती हैं। इसलिए वे इस भावना के साथ निश्चित रूप से इस उत्साह में शरीक होते हैं।

होली ड्रेस है कुरता-पायजामा

युवा सहित हर उम्र के लोग होली को यादगार बनाने में लगे हैं। होली में पहनने के लिये सभी रेडिमेड दुकानों में कुर्ता पायजामें की रेंज सजी हैं। महाशक्ति इम्पोरियम के राजेन्द्र भगत,कृष्णा रेडिमेड के प्रकाश कुमार पप्पू बताते हैं कि होली में अद्धी कपड़ों से बनी कुरता-पायजामें की डिमांड अत्यधिक होती है। लिहाजा ऐसे कपड़ों का पूरा स्टोक किया गया है। बाजार में दो सौ से आठ सौ तक की रेंज में उपलब्ध है।

होली गीत का जवाब नहीं

जोगिरा स…र…र…र…,होली रे होली…आई मस्तों की टोली,होली खेले रघुवीरा…..इन हिन्दी फिल्मी गानों के अलावा भोजपुरी,अंगिका होली गाना का जबरदस्त क्रेज है। लोग अभी से अपने घरों,दुकानों एवं चैक चैराहे के चाय पान की गुमटियों में होली के गीत बजाने लगें हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोग मोबाईल में होली गाना लोड करा रहे हैं
पुआ-पकवान की तैयारी
अमूमन बाजार में मिठाइयों पर निर्भर रहने वाले पर्वो से भिन्न होली में विभिन्न तरह के पकवान घर-घर में बनाने की तैयारी चल रही हैं। लेकिन दिन तो मालपुए का है।‘खायबो पुआ और खेलबो होली’ का नारा बुलंद हैं। गृहिणियां पुआ,पूरी,दहीबडा एवं तरह-तरह की सब्जियों के खरीददारी की लिस्ट को अंतिम रूप देने में लगी हैं। गीता कुमारी,खेमलता देवी,पूजा शर्मा,उषा रानी कहती हैं कि वे होली के दिन से तीन दिनों तक अलग-अलग वेरायटी के पुए बनाती हैं।

दिख रहा है महंगाई का असर

होली खाने पीने एवं मस्ती का त्योहार हैं। लेकिन चीजों के लगातार महंगे होते जाने को लेकर अब त्योहार के उत्साह पर महंगाई डायन की नजर रहने लगी है। चैसा बाजार निवासी चंदन पोद्दार,दिनेश साह,कमलकिशोर शर्मा,भटगामा के दयानंद यादव,अरजपुर के विनोद पाटिल कहते हैं कि वैसे तो सामान्य दिनों में महंगाई परेशान करती रहती हैं। लेकिन त्योहार के दिनों में ज्यादा परेशान कर जाती है। महंगाई ने जीना मुहाल कर दिया है। सभी सामानों के दामों में अप्रत्याशित वृद्धि हो गई है। लेकिन क्या करें अपनी इच्छाओं का दफन तो कर नही सकते है।