*युवा वर्ग पर सोशल मीडिया का प्रभाव नाकारात्मक व सकारात्मक दोनों: प्राचार्य*
*✍श्रीनारद संवाद के लिए अखिलेश कुमार की रिपोर्ट*
👉सीवान के डी. ए. वी शताब्दी पब्लिक स्कूल , कंधवारा में
“वर्तमान इंटरनेट युग में बच्चों की सोशल मीडिया के प्रति बढ़ते रुझान और उससे उत्पन्न समस्याओं और मानसिक विकारों से कैसे पाया जाए निजात” विषय पर
कार्यशाला संपन्न 👈
⭕सीवान: वर्तमान इंटरनेट युग में बच्चों की सोशल मीडिया के प्रति बढ़ते रुझान और उससे उत्पन्न समस्याओं और मानसिक विकारों से कैसे पाया जाए निजात, इस विषय पर
शहर के प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान डी. ए. वी शताब्दी पब्लिक स्कूल , कंधवारा तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन प्राचार्य विजय कुमार पाठक के नेतृत्व में किया गया । कार्यशाला को प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक प्रशिक्षक श्री मनुकुल जी ने संबोधित करते हुए कहा कि इस कार्यशाला का नाम “आई लव माइसेल्फ” है।उन्होंने कहा कि बच्चों में स्वाभिमान का होना नितांत आवश्यक है। इसके बिना मनुष्य और पशु में कोई भेद नहीं है। मन और समय एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
अगर मन को नियंत्रित और निर्देशित करना है तो समय को नियंत्रित करना सीखना होगा। मन को शरीर को प्रशिक्षित करना होगा कि वह समय का सदुपयोग करें। मन को पकड़ना थोड़ा मुश्किल है लेकिन शरीर को पकड़कर मन तक पहुंचा जा सकता है। हमारा शरीर हेलो ग्राफिक है इसलिए अगर हम अपनी एक ही एक्टिविटी बदलते हैं तो उसका अच्छा बुरा असर पूरे शरीर मन पर पड़ता है। अतः हमें केवल अपनी आदत बदलनी है चरित्र अपने आप पूरा बदल जाएगा। मनुकुल ने नाचते गाते बच्चों को सफल होने का और जिंदगी जीने का उपाय बताया तथा समय का सदुपयोग कर उत्साहित होकर सफल जीवन जीने का गुण सिखाया। मनुकुल ने शिक्षकों से भी बात की और उन्हें कक्षा में अपनी प्रस्तुति करण को कैसे प्रभावित बनाएं इसके तरीके बताएं। बच्चों का अवलोकन और उनके विकास करने के गुण बताएं। कार्यशाला को संबोधित करते हुए
प्राचार्य विजय कुमार पाठक ने कहा कि मानना है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के व्यापक प्रभाव से जहां संप्रेषण और ज्ञान का भंडार सुलभ हुआ है, वही दूसरी ओर इसक नाकारात्मक प्रभाव भी युवा वर्ग पर पड़ा है। युवा वर्ग अवसाद और मानसिक विकारों से ग्रस्त है। आत्मविश्वास की कमी से जूझते युवकों स्वच्छ नए और सकारात्मक दृष्टिकोण से अवगत कराना जरूरी है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भी यही था।
कार्यशाला में डीएवी विद्यालय के तीनों शाखाओं के शिक्षकों ने भाग लिया और कार्यशाला का लाभ उठाया।





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