सारण :मढ़ौरा मे मैट्रिक परीक्षा के फार्म भरने के लिये नाजायज वसूली पर छात्रों में आक्रोश
👉हेडमास्टर द्वारा बोर्ड फीस से अधिक राशि वसूली पर हंगामा, छात्र वाजिब फीस लेने के लिये तो मास्टर कमाई में हिस्सेदरी के लिये कर रहे है लड़ाई
▪सभी कोटि के छात्रो से एक ही राशि 920/-रुपयें ली जा रही है !
▪जबकि समिति ने समान्य वर्ग के लिये 830/-रुपये और आरक्षित श्रेणी के छात्रों के लिये 730/-रुपयें फीस निर्धारित किये है ।

मढौरा (सारण)
प्रखंड सहित जिले के सभी उच्च विद्यालयों में मैट्रिक परीक्षा के फार्म भरे जा रहे है । लेकिन अपवाद में कुछेक विद्यालयों को छोड़ अधिकतर विद्यालयों में समिति द्वारा निर्धारित फीस से अधिक राशि की वसूली हो रही है । इसका नमूना अनुमंडल मुख्यालय स्थित उच्च विद्यालय मढौरा भी है । जहां पिछले दो तीन दिन से अधिक राशि की वसूली को लेकर छात्रों और शिक्षकों में नोक झोक हो रही है । शनिवार को कुछ छात्र-छात्रओ ने हंगामा किया । छात्र गौरव कुमार , रवि कुमार , सन्नी कुमार सहित दर्जनो छात्र अधिक ली गयी राशि को लौटाने और अधिक राशि नहीं देने पर अड़े रहे । जिससे विद्यालय में घंटो अफरा तफरी के माहौल बना रहा । फिर विरोध कर रहे छात्रों के हुजूम को किसी तरह समझा बुझाकर शिक्षकों ने मामले को शांत कर लिया । प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बातों में छात्रों को उलझाकर फिर वसूली जारी रखे हुये है । प्रभारी हेडमास्टर धर्मेन्द्र तिवारी ने
अपनी बातों में छात्रों , अभिभावकों और यहां तक की मीडिया को भी तर्क दे रहे थे की ऑनलाइन फार्म से लेकर कई तरह के फार्म पंजीयन , डम्मी एडमिट कार्ड , ओएमआर सीट आदि कई तरह के कागज साइबर से निकाले जा रहे है । उसी सब का राशि जोड़कर ली जा रही है । लेकिन छात्रों की मांग थी की समिति से निर्धारित फीस आठ सौ तीस रुपयें ही लिया जायें और आरक्षित कोटि के छात्रो से एक सौ और कम राशि ली जायें । लेकिन विद्यालय प्रशासन ने छात्रों के दोहन से बाज नहीं आ रहा है । फार्म भरने में सभी वर्गो के छात्रों से एक ही राशि नौ सौ बीस ली जा रही है और किसी भी छात्र को फीस की रसीद नहीं दी जा रही है । उल्टे पूछने पर विद्यालय प्रभारी ये भी कहने से बाज नहीं आते है की बगल के अन्य वि़द्यालयों में नौ सौ चालीस रुपयें लिया जा रहा तो कोई पूछने वाला नहीं है ! जबकि मेरे यहां वास्तविक खर्च जोड़कर नौ सौ बीस ही लिया जा रहा है , तो लोग आकर पूछा-पूछी से लेकर हंगामा पर भी उतर आये है । इससे भी इतर एक बात और प्रकाश में आया की कुछ ही शिक्षकों ने मिलकर ये खेल कर रहे है । जिसको लेकर कुछ शिक्षकों में नाराजगी है की हम से फार्म के काम इसलिए नहीं कराये जा रहे है की नाजायज वसूली में से हिस्सा देना पड़ेगा । इसको लेकर विद्यालय में प्रभारी से एक दो शिक्षकों से शुक्रवार को मारपीट की नौबत आ चुकी थी ।विद्यालय में छात्रों के सामने ही तनातनी करने वाले शिक्षक ब्रह्मानंद तिवारी और रंधीर उपाध्याय बताये जाते है । हालांकि प्रभारी प्रधानाध्यापक ने मामले की शिकायत करने की बात कह रहे थे , लेकिन लिखित शिकायत इस मामले में दर्ज नहीं करायी गयी है । खैर सरकार से वेतन मिलने के बाद भी इन शिक्षकों को बोर्ड से निर्धारित फीस से अधिक राशि को गरीब किसान और मजदूर के बेटा-बेटियां किसी तरह मजबूरन पैसे की जुगाड़ कर जामा कर रहे है । लेकिन इन माफियाओं को उनके गरीबी पर तरस नहीं आ रहा है ।
*👉एक नजर विद्यालय के छात्र व छा़त्राओं की संख्या पर -*
विद्यालय में वर्ष 2018 मैट्रिक वार्षिक परीक्षा के लिये पंजीकृत छात्र और छा़त्राओं की कुल संख्या 1516 है । जबकि केवल छात्रायें 906 है । अब कुल मिलाकर लगभग परीक्षा फार्म भी भरने वाले छात्रों की संख्या भी लगभग 1516 के ही आस पास रहेगी । नाजायज वसूली का हिसाब समान्य श्रेणी से 90 रुपये जबकि आरक्षित श्रेणी से 190 रुपये की वसूली को जोड़कर देखा जायें तो काली कमाई की राशि लाख में गणना योग्य होगी ।
*👉क्या कहते है प्रभारी प्रधानाध्यापक*-
किसी भी छात्र से नाजायज वसूली नहीं हो रही है। जो जायज राशि है वही लिये जा रहे है -धर्मेन्द्र कुमार तिवारी
प्रभारी प्रधानाध्यापक
उच्च विद्यालय मढौरा
*👉क्या कहते है जिला शिक्षा पदाधिकरी*-
बोर्ड द्वारा निर्धारित राशि ही छात्र छात्राओं से लेनी है । अन्य खर्चे विद्यालय प्रभारी ब्योरा बनाकर कर्यालय में जमा करेंगे । वो खर्च राशि बोर्ड सभी विद्यालययों को देगी । किसी तरह अन्य खर्च के नाम पर विद्यालय को अतिरिक राशि नहीं लेनी है । –
राज किशोर सिंह
जिला शिक्षा पदाधिकरी , सारण




Recent Comments