नेहा की फाइल फोटो

मृत घोषित जीवित नेहा की बरामदगी से खुले कई राज
             
इसुआपुर(सारण)। इसुआपुर के मंडल भाजपा अध्यक्ष शारदानंद सोनी की भावज तथा सिवान जिले के बसंतपुर बाजार के प्रसिद्ध स्वर्णकार अजय प्रसाद की पुत्री नेहा उर्फ दिव्या जो कथित तौर पर मृत घोषित हो चुकी थी। आखिरकार इसुआपुर पुलिस ने उसे जिंदा बरामद कर लिया। जिसके बाद नेहा के बारे में कई राज खुल गए। मालूम हो कि 24 जून को हुई शादी के महज तीन दिन बाद नेहा अपने ससुराल से गायब हो गई थी। जिसकी खबर मिलने पर उसके भाई अंकित कुमार ने बहन की हत्या की प्राथमिकी इसुआपुर थाने में दर्ज कराई थी। जो इसुआपुर पुलिस के लिए अबूझ पहेली बनी हुई थी। वहीं हत्या की प्राथमिकी के बाद नेहा के ससुराल वालों की नींद हराम हो गई थी। इस मामले मेंं एक नया मोड़ तब आ गया जब 22 जुलाई 2021 को इसुआपुर थाना क्षेत्र के शामपुर गांव के सोनिका चंंवर में एक महिला की लाश पुलिस ने बरामद की थी। जिसको नेहा के भाई ने अपनी बहन का लाश होने का शिनाख्त किया था। जिसके बाद मामला और उलझते ही गयाा। वहीं जीवित नेहा की बरामदगी के बाद पुलिस को जो राज मिलेे, उसके अनुसार थानाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बसंतपुर के स्वर्णकार अशोक प्रसाद के पुत्र अनमोल गुप्ता का सर्वप्रथम मोबाइल के आई एम नंबर को सर्विलांस के जरिए रन किया गया। उसके बाद सिवान सराय ओपी निवासी हरिशंकर यादव के पुत्र संदीप यादव के मोबाइल नंबर को भी सर्विलांस किया गयाा, तो पता चला कि संदीप छपरा में एक शादी समारोह में भाग लेने पहुंचा है। जिसे पुलिस ने 4 दिसंबर को पूछताछ के लिए गिरफ्तार कर लियाा। उसने नेहा के बारे में सारे राज खोल दिए। तब उसकी निशानदेही पर पुलिस सराय थाना क्षेत्र के निवासी लैब टेक्नीशियन रजनीश गिरी के पास दिल्ली पहुंच गई। उसने भी पूरी घटना का पर्दाफाश कर दिया। जिसके आधार पर इसुआपुर थाना अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने नेहा को दिल्ली के एक लॉज से बरामद करते हुए छपरा कोर्ट में 164 का बयान दर्ज करायाा। जिसमें नेहा ने बताया कि उसकी शादी उसकी मर्जी के खिलाफ हुई थी। वह यूपीएससी की तैयारी कर आईएएस बनना चाहती है। पढ़ाई को लेकर ही वह ससुराल से भागकर दिल्ली चली गई थी। अब वह न तो ससुराल जाना चाहती है ना ही मैके। इस जटिल व उलझे हुए मामले का खुलासा करने में  इसुआपुर पुलिस को कई महीनों लग गए थेे। आखिरकार उसे सफलता मिल ही गई । वहीं ससुराल वाले भी हत्या जैसे जघन्य अपराध से मुक्त हो गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक नेहा तथा उसका पड़ोसी बसंतपुर बाजार निवासी दिनेश गुप्ता के पुत्र अनमोल गुप्ता के बीच पूर्व से ही प्रेम प्रसंग चल रहा था। अनमोल दिल्ली में रहकर मेडिकल की तैयारी कर रहा है। वहीं नेहा भी दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर आईएएस बनना चाहती है। तभी तो बयान दर्ज कराने के बाद नेहा कुमारी उर्फ दिव्या दिल्ली के लिए पुनःरवाना हो गई। सूत्र बताते हैं कि  इस कांड में गोपालगंज जिले के सिधवलिया के अखिलेश पांडेय नामक व्यक्ति जो अपने को कथित तौर पर मानवाधिकार आयोग का सदस्य बताता थाा, उसने ही इस कांड को शुरू से ही उलझाए हुए था। लेकिन कथित मृत नेहा कुमारी उर्फ दिव्या के बरामद होने के बाद सबकी मंशा धरी की धरी रह गई। अब लोगों के बीच यह चर्चा है कि पुलिस किन-किन लोगों पर कौन सी कार्रवाई कर रही है। इस घटना को लेकर  पुलिस दिन रात एक कर दी थी। थानाध्यक्ष चौधरी ने बताया कि नेहा के द्वारा वीडियो कॉल के जरिए  सारी बातें परिजनों से बराबर होते रहती थी। लेकिन परिजन इस बात का उद्भेदन नहीं करते थे कि मामला का रहस्य खुल जाएगा। नेहा के परिजनों के कारण ही पुलिस को मामले  का उद्भेदन करने में इतना लंबा समय लगा।