☀भीड़-भाड़ या बाजारों में कम से कम 1 मीटर की शारीरिक दूरी का करें पालन

☀ एक मीटर की दूरी पर 4 गुणा कम हो जाता है खतरा

☀3 मीटर की दूरी पर नहीं रहता संक्रमण का कोई खतरा

✍️By-Parmar Media Natwork

मुजफ्फरपुर/05 अक्टूबर: देश सहित पूरे विश्व में कोरोना संक्रमण से अभी तक राहत नहीं मिली है। वहीं अभी तक के रिसर्च भी यही कह रहे हैं कि इससे बचने का एक ही कारगर उपाय सोशल डिस्टेन्सिंग यानि शारीरिक दूरी है। वहीं इसके अलावा फेस मास्क और आई प्रोटेक्शन भी उतना ही जरुरी है। हम सभी यह भी जानते हैं कि बहुत कोशिश के बावजूद भी बाजार और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर सोशल डिस्टेसिंग के छह फीट की दूरी का पालन नहीं हो पाता है। ऐसे में डब्ल्यूएचओ का एक सुझाव हमारे और आपके लिए कारगर साबित हो सकता है। डब्ल्यूएचओ ने पोस्टर के माध्यम से बताया है कि ऐसी भीड़- भाड़ वाली जगहों पर कम से कम एक मीटर की शारीरिक दूरी का पालन तो किया ही जा सकता है। वहीं लैसेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार भी कम से कम एक मीटर की दूरी को महत्वपूर्ण माना गया है।

👉एक मीटर की दूरी पर चार गुणा तक कम खतरा :

लैसेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार एक मीटर की दूरी रहने पर कोरोना के संक्रमण का खतरा 4 गुणा तक कम हो जाता है। वहीं उससे कम दूरी पर संक्रमण का खतरा 13 फीसदी रहता है। वहीं डब्ल्यूएचओ के एक स्टडी के अनुसार जबकि एक मीटर से ज्यादा दूरी पर कोरोना के संक्रमण का खतरा 3 फीसदी ही रह जाता है। एक मीटर के बाद हर मीटर की दूरी बढ़ने से यह खतरा आधा होता चला जाता है। जबकि 3 मीटर की दूरी पर संक्रमण का कोई खतरा नहीं होता है।

👉फेस मास्क भी है जरुरी :

फेस मास्क नहीं पहनने से भी कोरोना संक्रमण का खतरा बहुत ज्यादा होता है। अगर आपने मास्क का उपयोग नहीं किया है तो यह खतरा 16 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। वहीं मास्क का उपयोग करने पर संक्रमण का खतरा घटकर 5.5 फीसदी ही रह जाता है। अच्छा होगा कि तीन लेयर के मास्क का ही उपयोग किया जाय।

👉छींकने या खांसने पर रखे टिश्यू पेपर:

लैसेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार खांसने या छींकने पर संक्रमण की बूंदे 8 मीटर तक जा सकती हैं। इस संक्रमण से बचने के लिए मास्क का उपयोग बहुत ही जरुरी है, बेहतर होगा कि खांसते या छींकते वक्त आप रुमाल या टिशू पेपर का इस्तेमाल करें, फिर उसे डब्बा बंद डस्टबिन में फेंक दें।