मातृ वंदना सप्ताह के तहत निकाली गयी जागरूकता रैली, डीपीओ ने दिखाई हरी झंडी
• आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर आमजनों को किया जागरूक
• सुरक्षित जननी विकसित धरनी के लगाये गये नारे

छपरा/3 दिसंबर। प्रधानमंत्री मातृ वंदना सप्ताह के तहत सदर परियोजना कार्यालय से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा जागरूकता रैली निकाली गयी। रैली को आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी वंदना पांडेय व सदर सीडीपीओ कुमारी उर्वशी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सुरक्षित जननी विकसित धरनी के नारे के साथ रैली निकाली गयी। इस मौके पर डीपीओ वंदना पांडेय ने कहा कि इस योजना के तहत अधिक से अधिक महिलाओं को जागरूक व लाभान्वित करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। साथ ही 8 दिसंबर तक गांव, पंचायत व ब्लॉक स्तर पर प्रभात फेरी, रैली तथा मैराथन का आयोजन भी किया जाएगा। विभाग द्वारा इस अभियान को उन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर चलाने की योजना बनाई गई है जहां पर योजना के लाभार्थियों की संख्या सबसे कम है। इस अवसर पर डीपीओ वंदना पांडेय, सीडीपीओ कुमारी उर्वशी, अरविन्द कुमार मिश्रा, मधुरेंद्र कुमार समेत अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल थी।
पहली बार माँ बनने वाली महिलाओं को मिलेगा लाभ:
सदर सीडीपीओ कुमारी उर्वशी ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत ऐसे सभी गर्भवती/धातृ महिलाएं, जो दिनांक 01 जनवरी 2017 या उसके बाद प्रथम वार गर्भवती हुई है, उन्हें प्रथम किस्त में एलएमपी के 150 दिनों के अंदर गर्भावस्था पंजीकरण के बाद एक हजार रूपए, द्वितिय किश्त में गर्भावस्था के छह माह पूरा होने पर कम से कम एक एएनसी के बाद दो हजार रूपए, तृतीय किश्त में नवजात शिशु का जन्म पंजीकरण एवं बच्चे के टीकाकरण (बीसीजी, ओपीवी, डीटीपी, हेपेटाइटस बी का प्रथम चक्र) के बाद दो हजार रूपए का लाभ देने प्रावधान है।

लाभुकों के लिए ये कागजात अनिवार्य:

इसमें सभी योग्य लाभुकों को इस योजना का लाभ केवल एक बार दिया जाना है। इस योजना का लाभ के लिए आवश्यक दस्तावेजों में लाभार्थी का बैंक खाता संख्या, एमसीपी कार्ड, लाभार्थी एवं उसके पति का आधार कार्ड देना अनिवार्य होगा।
सोशल मीडिया के माध्यम जागरूकता:
इस अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जा रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से हो रहे गतिविधियों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। गतिविधियों का फोटो वीडियो मातृ शक्ति राष्ट्र शक्ति हैसटैग के साथ फेसबुक, ट्विटर इंस्टाग्राम वाट्सएप आदि पर शेयर करने का निर्देश दिया गया। जिससे योजनाओं व गतिविधियों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।