महिला दरोगा की वायरल वीडियो में दुकानदारों से रुपए वसूली का मामला बेबुनियाद, कुछ भी नहीं मिला साक्ष्य

महिला दरोगा ने कहा- मेरी छवि धूमिल करने की साजिश रची गई हैं।

विदित हो कि सन 2013 ई०में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी एवं बिहार पूर्व डीजीपी अभयानंद ने सरिता चौधरी को उत्कृष्ट कार्य को लेकर अवार्ड देकर सम्मानित की गई थीं।

प्रेम कुमार हाजीपुर(वैशाली)। हाजीपुर महिला थाना की एक महिला दरोगा जिले में इन दिनों काफी सुर्खियों में है। मामला दरअसल बताया गया है बीते शनिवार को हाजीपुर महिला थाना की महिला दरोगा सरिता चौधरी जिले के महनार थाना अंतर्गत प्यासा गली में किसी प्राथमिकी दर्ज मामले में चार्जशीट पर हस्ताक्षर करवाने गई थी। जहां महिला एसआई सरिता चौधरी द्वारा महनार बाजार के गंगा रोड स्थित कुछ दुकानदारों से अवैध रूप से रुपए वसूलने का मामला प्रकाश में आया था और कुछ वीडियो भी वाइरल हो रहा था। वाइरल वीडियो की तहकीकात में स्पष्ट हुआ कि महिला दरोगा किसी भी दुकानदार में रुपये नही ले रही हैं। महिला दरोगा महनार थाना अंतर्गत प्यासा गली से लौट रही थी। तभी साथ मे बाइक चालक किसी काम को लेकर महिला दरोगा को बाइक से उतार कर वो अपना काम कर रहा था और महिला दरोगा अधिक धूप को लेकर छाव में टहलने लगी। वही आसपास की दुकानों में लगे सीसीटीवी में पूरा प्रकरण का कैद हो गया। जिसका फुटेज को दुकानदारों द्वारा वायरल कर दिया गया था। वाइरल फुटेज व वीडियो के आधार पर महनार थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने दुकानदारों द्वारा पूछताछ में मामला संदिग्ध लगा। वही वैशाली एसपी ने खुद इस मामले को संज्ञान में लेकर महिला दरोगा को शोकॉज किया है। उसका जबाब चौबीस घटों के अंदर देने की बात कही गई हैं। इस मामले को लेकर महिला दरोगा सरिता चौधरी ने अपनी पक्ष मीडिया में दी हैं उन्होंने बताया है महिला थानानमे सरकारी गाड़ी मौजूद नही होने के कारण वे किसी परिचित व्यक्ति के साथ बाइक पर सवार होकर महनार थाना क्षेत्र गईं थीं। उन्होंने कांड संख्या 93/21 में चार्जशीट पर हस्ताक्षर करवाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जब केस से सम्बंधित कार्य निष्पादन कर लौट रही थी। इसी बीच उनके साथ गए युवक ने किसी कार्य को लेकर महिला दरोगा को बाइक से उतार दिया और एक दुकान में घुस गया था। तभी वे अधिक धूप होने के कारण छाया में चहलकदमी कर रही थी। उन्होंने यह वाइरल वीडियो को लेकर अस्पस्ट कहा है कि जो भी वीडियो वारयल हो रही हैं सब बेबुनियाद हैं। वे किसी भी दुकानदार से पैसा नही ले रही हैं। वही इस सम्बंध में कुछ दुकानदारों का आरोप है कि अरविंद आभूषण भंडार के मालिक अरविंद कु० साह एवं रवि भूषण बर्तन भंडार के मालिक रवि भूषण जयसवाल से आदि से उन्होंने रुपए की वसूली की है। हालांकि इस पूरी घटना को लेकर वैशाली एसपी खुद जांच कर रही थी।